नौगढ़ में आंधी का तांडव, 75 पोल और 12 ट्रांसफार्मर गिरे, 100 गांवों में पसरा अंधेरा, देवेश यादव की टीम ने संभाला मोर्चा
चंदौली के नौगढ़ में भीषण आंधी-तूफान ने बिजली के बुनियादी ढांचे को तहस-नहस कर दिया है। 75 पोल टूटने और 100 गांवों की बत्ती गुल होने के बाद विद्युत विभाग युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य में जुट गया है।
75 बिजली के पोल हुए धराशाई
12 ट्रांसफार्मर गिरने से भारी नुकसान
100 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप
33/11 केवी मेन लाइन क्षतिग्रस्त
एक सप्ताह तक लग सकता है समय
चंदौली जिले की नौगढ़ तहसील क्षेत्र में बुधवार की रात आई भीषण आंधी और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बुरा असर विद्युत व्यवस्था पर पड़ा है। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि चकरघट्टा और नौगढ़ विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले लगभग 75 बिजली के पोल जड़ से उखड़ गए और 10-12 ट्रांसफार्मर जमीन पर आ गिरे। इस तबाही के कारण क्षेत्र के करीब 100 गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।
33/11 केवी लाइन को पहुंचा सर्वाधिक नुकसान
विद्युत विभाग के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, सबसे अधिक क्षति 33/11 केवी मेन लाइन को हुई है। कई स्थानों पर हाईटेंशन लाइन के तार टूटकर गिर गए हैं और पोल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने 'इमरजेंसी रिस्पॉन्स' मोड में काम शुरू कर दिया है। देवेश यादव के नेतृत्व में विद्युत विभाग की टीमें भोर से ही फील्ड में सक्रिय हैं और मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।

बाधा बने पेड़ और मलबा, हटाने का अभियान जारी
बहाली कार्य में सबसे बड़ी चुनौती सड़क और बिजली लाइनों पर गिरे विशालकाय पेड़ और मलबा हैं। कई जगहों पर लाइन मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। तकनीकी टीमें पहले पेड़ों की कटाई और डालियों की छंटनी कर मार्ग साफ कर रही हैं, ताकि पोल और तार लगाने का काम सुचारू रूप से आगे बढ़ सके। अतिरिक्त मानव बल और संसाधनों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है।

आवश्यक सेवाओं और बायोगैस प्लांट को प्राथमिकता
प्रशासन ने बिजली बहाली के लिए प्राथमिकताएं तय की हैं। रिलायंस एनर्जी के बायोगैस प्लांट को 'आवश्यक श्रेणी' में रखते हुए वहां सबसे पहले आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही तहसील मुख्यालय की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करना भी विभाग की प्राथमिकता में शामिल है ताकि प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।
बहाली में लग सकता है एक सप्ताह का समय
विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिन गांवों में पोल और ट्रांसफार्मर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, वहां स्थिति सामान्य होने में लगभग एक सप्ताह तक का समय लग सकता है। बहाली कार्य को तीन स्तरों पर बांटा गया है: पहले मेन लाइन की मरम्मत, फिर बाधाओं को हटाना और अंत में डिस्ट्रीब्यूशन लाइन की पुनर्स्थापना।
उपजिलाधिकारी (SDM) विकास मित्तल ने बताया कि तहसील प्रशासन और विद्युत विभाग की संयुक्त टीमें हर घंटे की प्रगति की समीक्षा कर रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द राहत पहुंचाने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि पूरी टीम संकट की इस घड़ी में ग्राउंड जीरो पर डटी हुई है।
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