जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलMovie prime

नौगढ़ में बिक रहा है मुख्यमंत्री आवास, BDO साहब के नाम पर हो रही है वसूली

चंदौली के नौगढ़ में मुख्यमंत्री आवास योजना के नाम पर 15 हजार रुपये की अवैध वसूली का मामला सामने आया है। पीड़ित ने प्रधान पुत्र पर Google Pay के जरिए 5 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया है।

 

मुख्यमंत्री आवास योजना में अवैध वसूली

नौगढ़ में प्रधान पुत्र पर आरोप

15 हजार रुपये की मांग से हड़कंप

Google Pay ट्रांसफर का स्क्रीनशॉट वायरल

एसडीएम ने दी जांच की जिम्मेदारी

चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भ्रष्टाचार की परतें खुलती नजर आ रही हैं। चकरघट्टा थाना क्षेत्र के बरबसपुर गांव निवासी रजब अली ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर उनसे 15 हजार रुपये की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने एसडीएम विकास मित्तल को प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि ग्राम प्रधान जलीमुन बेगम के पुत्र जमीर अहमद ने उनसे स्पष्ट कहा था कि जब तक सेक्रेटरी, एडीओ (ADO) और बीडीओ (BDO) को पैसा नहीं दिया जाएगा, तब तक आवास की फाइल आगे नहीं बढ़ेगी।

Google Pay के जरिए भुगतान, पत्नी के जेवर तक गिरवी
रजब अली के अनुसार, उन्होंने आवास पाने की उम्मीद में अपनी पत्नी के जेवर गिरवी रखकर 5 हजार रुपये का इंतजाम किया। यह रकम उन्होंने जमीर अहमद के खाते में Google Pay के माध्यम से ट्रांसफर की। पीड़ित ने एसडीएम के समक्ष न केवल अपनी व्यथा बयां की, बल्कि भुगतान का स्क्रीनशॉट भी साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत किया। उनका आरोप है कि पैसे देने के बाद भी एक साल बीत जाने के बावजूद न तो आवास मिला और न ही रकम वापस की गई। उल्टा अब और 10 हजार रुपये की मांग की जा रही है।

प्रशासन की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर उठ रहे सवाल
क्षेत्र में यह पहला मामला नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में भी कई बार जिलाधिकारी के पास शिकायतें पहुंच चुकी हैं, लेकिन हर बार जांच के नाम पर मामले को फाइलों में दबा दिया गया। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। भ्रष्टाचार के इस खेल ने सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि आखिर प्रधान पुत्र को अधिकारियों के नाम पर वसूली करने का दुस्साहस कहां से मिल रहा है?

एसडीएम ने दिए सख्त जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम विकास मित्तल ने इस पूरे प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी क्षेत्राधिकारी (CO) नामेन्द्र कुमार रावत को सौंपी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो ग्राम प्रधान के पुत्र के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आरोपी प्रधान प्रतिनिधि जमीर अहमद ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपनी छवि धूमिल करने की साजिश करार दिया है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि क्या पीड़ित को न्याय मिलेगा या यह मामला भी पिछली शिकायतों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

Tags

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*