नौगढ़ में वन भूमि पर चला बुलडोजर, SDM के आदेश पर हटाया गया अवैध कब्जा, कब्जेदारों में खलबली
चंदौली के नौगढ़ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने सरकारी वन भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। SDM के निर्देश पर जेसीबी चलाकर निर्माण सामग्री जब्त की गई और अब अवैध दुकानों पर कार्रवाई की तैयारी है। पूरी खबर पढ़ें...
नौगढ़ वन भूमि पर चला प्रशासन का बुलडोजर
SDM विनय मिश्रा के निर्देश पर बड़ा एक्शन
CHC के सामने से हटी निर्माण सामग्री
अवैध गुमटियों और दुकानों का सर्वे शुरू
रेंजर अमित श्रीवास्तव की सख्त चेतावनी
चंदौली जिले के नौगढ़ इलाके से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर आ रही है। सरकारी वन भूमि को अपनी जागीर समझने वाले लोगों के खिलाफ प्रशासन ने कमर कस ली है। विकास खंड नौगढ़ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के ठीक सामने, करोड़ों की आरक्षित वन भूमि पर अवैध कब्जा जमाने की एक बड़ी कोशिश को वन विभाग और प्रशासनिक टीम ने मिलकर नाकाम कर दिया है।
इस मामले में इलाके के उपजिलाधिकारी (SDM) विनय मिश्रा ने बेहद सख्त रुख अपनाया। उनके सीधे आदेश पर शनिवार को वन विभाग की टीम भारी दलबल और जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंच गई। देखते ही देखते सरकारी जमीन पर अवैध रूप से डंप की गई भारी मात्रा में बालू, बोल्डर और भक्शी समेत पूरी निर्माण सामग्री को मौके से पूरी तरह हटवा दिया गया।

समय रहते पहुंच गई टीम, नहीं तो खड़ा हो जाता पक्का निर्माण
वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) अमित श्रीवास्तव ने शनिवार को एक प्रेस नोट जारी कर इस पूरी कार्रवाई की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग CHC नौगढ़ के सामने मौजूद आरक्षित वन भूमि को घेरने के चक्कर में हैं। वहां चोरी-छिपे निर्माण सामग्री गिराकर जमीन पर अपना दावा ठोकने की तैयारी चल रही थी।
मामला जैसे ही एसडीएम के संज्ञान में आया, उन्होंने बिना वक्त गंवाए तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दिए। वन विभाग का साफ मानना है कि यह सिर्फ सामान रखने का सीधा मामला नहीं था, बल्कि यह भविष्य में वहां पक्का मकान या दुकान खड़ी करने की एक सोची-समझी साजिश थी। समय रहते हुई इस कार्रवाई ने भू-माफियाओं के मंसूबों पर पूरी तरह पानी फेर दिया है।
अवैध काम करने वालों को रेंजर की खुली चेतावनी
बुलडोजर की इस कार्रवाई के दौरान मौके पर आसपास के ग्रामीणों और दुकानदारों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोग अपनी आंखों से सरकारी जमीन को मुक्त होते देखते रहे। रेंजर अमित श्रीवास्तव ने इस दौरान दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि आरक्षित वन भूमि देश की संपत्ति है और इस पर किसी भी तरह का निजी कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने साफ किया कि आरक्षित वन भूमि पर बिना अनुमति के कोई भी सामान रखना, दुकान लगाना या किसी भी तरह का कंस्ट्रक्शन करना भारतीय वन अधिनियम के तहत एक बेहद गंभीर और दंडनीय अपराध है। जो लोग भी कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करेंगे, उन्हें जेल की हवा खानी पड़ सकती है।
अब रडार पर हैं सालों पुरानी दुकानें और गुमटियां
इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा मोड़ यह आया है कि प्रशासन अब यहीं रुकने वाला नहीं है। वन विभाग ने अब उन सभी गुमटियों, ठेलों और पक्की-कच्ची दुकानों का सर्वे शुरू कर दिया है, जो काफी समय से इस आरक्षित वन भूमि को घेरे बैठी हैं। आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर आम जनता द्वारा इसकी लगातार शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं।
इस ताजा एक्शन ने इलाके में वर्षों से अवैध रूप से धंधा चला रहे लोगों की नींद उड़ा दी है। वन विभाग का कहना है कि सर्वे का काम जैसे ही पूरा होगा, चिन्हित किए गए सभी अवैध कब्जों को हटाने के लिए एक बहुत बड़ा और निष्पक्ष अभियान चलाया जाएगा। अब देखना यह है कि प्रशासन का यह बुलडोजर आगे क्या रंग दिखाता है।
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