नौगढ़ में वन भूमि पर कब्जे का खेल: ट्रैक्टर पकड़ने पहुंची वन विभाग की टीम का घेराव, ट्रैक्टर जब्त व 10 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज
चंदौली के नौगढ़ में सरकारी वन भूमि पर कब्जे की कोशिश को रोकने पहुंची वन विभाग की टीम का ग्रामीणों ने घेराव कर दिया। कार्रवाई के दौरान फोन पर धमकी देने का मामला सामने आने के बाद 10 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
नौगढ़ में वन भूमि कब्जे पर बवाल
वन विभाग टीम का हुआ घेराव
परसिया प्लांटेशन से ट्रैक्टर जब्त किया
फोन पर वनकर्मियों को मिली धमकी
चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र में सरकारी वन भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिशें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। नौगढ़ के परसिया प्लांटेशन में गुरुवार को वन भूमि पर कब्जा करने की नीयत से ट्रैक्टर से की जा रही अवैध जुताई को रोकने पहुंची वन विभाग की टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। टीम ने ट्रैक्टर जब्त कर लिया तो महिलाओं और ग्रामीणों ने टीम का घेराव कर दिया।

परसिया प्लांटेशन में अवैध जुताई पर छापा
एसडीओ वरुण सिंह के नेतृत्व में नौगढ़ और मझगांई रेंज की संयुक्त टीम ने चकरघट्टा पुलिस के साथ मिलकर भैंसोड़ा कंपार्टमेंट संख्या-9 स्थित परसिया प्लांटेशन में छापेमारी की। वन विभाग को सूचना मिली थी कि कई दिनों से वन भूमि को खेती योग्य बनाकर उस पर कब्जा करने की तैयारी चल रही थी। टीम ने मौके से जुताई कर रहे सोनालिका ट्रैक्टर को जब्त कर जयमोहनी रेंज में खड़ा करा दिया, जबकि ट्रैक्टर चालक पुलिस को देखकर मौके से फरार हो गया।
ट्रैक्टर जब्ती के दौरान घेराव और मोबाइल पर धमकी
कार्रवाई के दौरान माहौल तब गरमा गया जब ट्रैक्टर जब्त होते देख स्थानीय महिलाओं और ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम का घेराव कर लिया और कार्रवाई रोकने का दबाव बनाने लगे। आरोप है कि इसी दौरान सतीश मिश्रा नाम के एक व्यक्ति ने खुद को हाईकोर्ट का अधिवक्ता बताते हुए फोन पर वनकर्मियों से गाली-गलौज की और अंजाम भुगतने की गंभीर धमकी दे डाली।
10 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज
इस पूरे विवाद और सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में वन विभाग की तरफ से 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। एसडीओ वरुण सिंह ने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष और पूरी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी वन भूमि पर अवैध कब्जे की किसी भी कोशिश को हर हाल में नाकाम किया जाएगा और इसमें शामिल दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
'कब्जा नेटवर्क' पर कार्रवाई की मांग
इस घटना ने स्थानीय स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वन भूमि पर पक्की जुताई और कब्जे का यह खेल अचानक शुरू नहीं हुआ था। ऐसे में यह केवल ट्रैक्टर जब्ती तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि उस पूरे गिरोह की पड़ताल की जरूरत है जो जंगलों को खेती में बदलने का नेटवर्क चला रहा है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे तत्वों पर कड़ी कार्रवाई से ही सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा संभव हो पाएगी।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*








