नौगढ़ के जंगल से 60 साल का चरवाहा गायब, 22 बकरियां अकेले लौटीं घर..आखिर रामलाल कहां गए?
नौगढ़ के लौवारी खुर्द में बकरियां चराने जंगल गए 60 वर्षीय रामलाल गायब हो गए हैं। तीन दिन बाद शनिवार को उनकी 22 बकरियां अकेले घर लौट आईं, जिसके बाद पुलिस और ग्रामीण रामलाल की तलाश में जुटे हैं।
नौगढ़ के जंगल से लापता बुजुर्ग चरवाहा
22 बकरियां लौटीं पर रामलाल गायब
बीहड़ जंगल में बुजुर्ग की तलाश
बारिश और दुर्गम रास्ते बढ़ा रहे चिंता
चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील अंतर्गत लौवारी खुर्द गांव से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। गांव के 60 वर्षीय बुजुर्ग रामलाल गुरुवार को अपनी 22 बकरियों को चराने के लिए जंगल गए थे। तीन दिन बीत जाने के बाद भी जब वे वापस नहीं लौटे, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।
शनिवार की सुबह अचानक सभी 22 बकरियां बिना चरवाहे के अकेली घर पहुंच गईं। बकरियों को सही-सलामत देखकर परिजनों का दिल दहल गया, क्योंकि जिस चरवाहे के इशारे पर बकरियां चलती थीं, वही रास्ते में कहीं छूट गया था। रामलाल की पत्नी चमेला का रो-रोकर बुरा हाल है।
खराब मौसम और दुर्गम रास्ते बढ़ा रहे मुश्किल
परिजनों ने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब एक बजे रामलाल जंगल के लिए निकले थे। देर शाम तक जब वे नहीं लौटे, तो परिजनों ने आसपास और जंगल के रास्तों पर खोजबीन शुरू की। लगातार हो रही बारिश की वजह से जंगल के रास्ते काफी फिसलन भरे और दुर्गम हो चुके हैं। इसके साथ ही बीहड़ जंगल में मोबाइल नेटवर्क भी काम नहीं कर रहा है। ग्रामीणों को अंदेशा है कि रामलाल खराब मौसम या किसी अड़ार में रास्ता भटक गए हो सकते हैं। गांव के लोग अपने स्तर पर उन रास्तों की पड़ताल कर रहे हैं, जहां से बकरियां वापस घर आई हैं।
पुलिस और ग्रामीण तलाश में जुटे
मामले की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में तहरीर दी है। थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि गुमशुदगी की शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम को तुरंत जंगल में तलाश के लिए भेजा गया है। जंगल में जंगली जानवरों का खतरा और लगातार गिरता तापमान परिजनों की चिंता बढ़ा रहा है। फिलहाल बकरियों का घर पहुंचना यह उम्मीद जगाता है कि रामलाल भी आसपास के इलाके में ही कहीं सुरक्षित होंगे। पूरा गांव अब रामलाल के सकुशल घर लौटने की दुआ कर रहा है।
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