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जंगल के रखवालों ने ही बो दिया 40 बीघा आरक्षित वन भूमि पर गेहूं-सरसों, रेंजर ने 4 वाचरों पर ठोका मुकदमा

नौगढ़ तहसील में रेंजर संजय श्रीवास्तव ने 40 बीघा आरक्षित वन भूमि पर अवैध खेती का पर्दाफाश किया है। जंगल की सुरक्षा में तैनात 4 वाचरों ने ही सरकारी जमीन पर फसल बो दी थी। अब इन पर मुकदमा दर्ज कर सेवा समाप्ति की तैयारी है।

 
 

आरक्षित वन भूमि पर अवैध खेती का चौंकाने वाला खुलासा

जंगल के सुरक्षा प्रहरियों ने ही बोई गेहूं-सरसों की फसल

रेंजर संजय श्रीवास्तव ने 4 वाचरों के विरुद्ध दर्ज किया केस

40 बीघा जमीन से हटाई जाएगी फसल, होगा नया पौधारोपण।

दोषी वाचरों को नौकरी से हटाने के लिए थमाया गया नोटिस

चंदौली जिले के अंतर्गत तहसील नौगढ़ से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ जंगल की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले चार वाचर ही भक्षक की भूमिका में नजर आए। इन सुरक्षा प्रहरियों ने मिलीभगत कर करीब 40 बीघा (15 हेक्टेयर) आरक्षित वन भूमि पर हल चलाकर गेहूं और सरसों की फसल बो दी। इस मामले का खुलासा होते ही पूरे वन विभाग में हड़कंप मच गया है।

रेंजर संजय श्रीवास्तव का कड़ा रुख, 4 वाचरों पर FIR
जैसे ही इस अवैध कब्जे की जानकारी वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) संजय कुमार श्रीवास्तव को मिली, उन्होंने बिना देर किए जांच के आदेश दिए। जांच में दोषी पाए गए कर्मा बांध निवासी चार वाचरों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। रेंजर की इस त्वरित कार्रवाई ने विभाग के भीतर भ्रष्टाचार करने वाले तत्वों को साफ संदेश दिया है कि नियमों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

40 बीघा भूमि होगी मुक्त, फिर से लहलहाएगा जंगल
वन क्षेत्राधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि जिस 15 हेक्टेयर आरक्षित भूमि पर कब्जा किया गया है, उसे 2026-27 के आगामी विभागीय प्लांटेशन (पौधारोपण) के लिए चिन्हित कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों के भीतर खड़ी फसल को रोटावेटर और जेसीबी मशीनों की मदद से नष्ट कर दिया जाएगा। इसके बाद वहाँ गड्ढा खुदाई और सुरक्षा खाई का निर्माण शुरू होगा ताकि इस भूमि को पुनः सघन वन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा सके।

सेवा समाप्ति की लटकी तलवार
अवैध खेती के मामले में फंसे चारों वाचरों को विभाग द्वारा स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर दिया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यदि इनका जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो इन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया जाएगा। यह कार्रवाई उन कर्मचारियों के लिए बड़ी चेतावनी है जो सरकारी पदों का दुरुपयोग कर पर्यावरण और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाते हैं।

ईमानदार जांच ने पेश की बड़ी मिसाल
नौगढ़ में हुई यह कार्रवाई आज के समय में ईमानदार प्रशासनिक कार्यशैली की मिसाल बनी हुई है। रेंजर संजय श्रीवास्तव ने अपने ही विभाग के कर्मचारियों की गलती को न केवल उजागर किया, बल्कि उन पर सख्त एक्शन भी लिया। उनकी इस पहल की आम जनता और पर्यावरण प्रेमियों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है। इस साहसिक कदम ने साबित कर दिया है कि यदि अधिकारी निष्पक्ष रहें, तो जंगल की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले कोई भी अपराधी बच नहीं सकते।

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