नौगढ़ में रेंजर का तगड़ा बुलडोज़र एक्शन, जंगल के बीच झोपड़ियां और घर गिराए गए
चेतावनी के बाद जब नहीं माने तो चलाया बुलडोज़र
जंगल पर कब्जा करने वालों के लिए कड़ा संदेश
जो समझाने पर नहीं समझे तो चलेगा सफाई का ये अभियान
अब सीधे बुलडोज़र चला कर ज़मीन साफ की जाएगी
चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में वन विभाग ने शुक्रवार को ऐसा एक्शन दिखाया जिसने अतिक्रमण कर जंगल हड़पने वालों की कमर तोड़ दी है। जयमोंहनी रेंज के चोरमरवा बीट में अवैध कब्जे के खिलाफ अभियान सिर्फ औपचारिक कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह साफ घोषणा थी कि जंगल पर अवैध निर्माण का युग अब समाप्त।
वहां देखा जा रहा था कि कई कब्जाधारियों ने जंगल के बीच झोपड़ियां बनाईं, ढांचा खड़ा किया और पेड़ काटकर खेती शुरू कर दी थी, मानो पूरी भूमि उनकी निजी संपत्ति हो। विभाग की चेतावनियों और मुकदमा दर्ज होने के बाद भी जब कब्जा नहीं छोड़ा गया, तब रेंजर अमित श्रीवास्तव ने अपनी नीति बदलते हुए बातचीत की जगह बुलडोज़र की ताकत का सहारा लिया।
जंगल कब्जा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
बताया जा रहा है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान रेंजर अमित श्रीवास्तव बेहद सख़्त और निर्णायक मूड में दिखे। उन्होंने चंदौली समाचार से कहा, जंगल किसी की बाप की जागीर नहीं है। जो जंगल काटकर कब्जा बनाने आएंगे, उन्हें हटाकर ही दम लिया जाएगा। अगर दोबारा आए तो परिणाम पहले से भी ज़्यादा कठोर होंगे। रेंजर ने आगे जोड़ा कि विभाग अब सिर्फ नोटिस देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कब्जा दिखाई दिया तो कार्रवाई सीधी और तेज होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वास्तविक वनवासी विभाग के संरक्षण में रहेंगे, लेकिन बाहरी लोग, भूमिधर माफिया और संगठित कब्जा गैंग अब सीधे कानून की मार के लिए तैयार रहें।
आज के इस एक्शन के बाद से गांवों में और आस-पास के रेंज क्षेत्रों में वन विभाग की सख़्ती को लेकर चर्चा और दहशत दोनों फैल गई है। लोगों के बीच साफ संदेश गया है कि वन भूमि पर कब्ज़ा करना अब आसान नहीं है।
JCB और ज़ीरो टॉलरेंस की नीति से एक्शन
अतिक्रमण हटाओ अभियान में जयमोहनी रेंज के साथ- साथ मझगाईं और नौगढ़ रेंज की टीमें भी फील्ड में कंधे से कंधा मिलाकर उतरीं। किसी भी प्रतिरोध की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी, सुरक्षा दस्ते और जेसीबी मशीनें मौके पर तैनात की गईं थीं। जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, झोपड़ियों को तोड़ा गया, कच्चे ढांचों को गिराया गया, टीन-तख्तों, बांस और रस्सी की संरचनाओं को उखाड़कर फेंक दिया गया और खेती के लिए जोती गई जमीन को पलट दिया गया — ताकि कोई दोबारा दावा न कर सके।
टीम का रवैया साफ था ना सुनवाई, ना बहाना, ना रियायत सिर्फ कानूनी कार्रवाई। आज की इस bulldozer action के बाद वन विभाग ने साफ कर दिया है कि यह अभियान एक दिन का नहीं बल्कि लगातार चलने वाला है और अगला निशाना जहां अवैध कब्जा मिलेगा, वहीं पड़ेगा।
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