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नौगढ़ में 4 दिन चला 'सेटलमेंट' का खेल, अब 8 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

चंदौली के नौगढ़ में जमीन कब्जे की शिकायत पर 4 दिन तक कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे जाम कर दिया। एसपी के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने आखिरकार 8 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।

 
 

विस्थापित जमीन पर कब्जे का आरोप

4 दिन तक टलता रहा मुकदमा

स्टेट हाईवे जाम के बाद जागी पुलिस

8 आरोपियों पर गंभीर धाराओं में केस

सीओ बोले- दोषियों को भेजा जाएगा जेल

चंदौली जिले के नौगढ़ थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विस्थापित जमीन पर कथित रूप से दबंगों द्वारा जबरन कब्जे की शिकायत मिलने के बावजूद चार दिनों तक एफआईआर दर्ज न होने का मामला अब चर्चा में है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस तुरंत कार्रवाई करने के बजाय चार दिनों तक "सेटलमेंट" कराने के चक्कर में पड़ी रही, जिसके चलते आखिरकार ग्रामीणों को सड़क पर उतरना पड़ा।

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30 जुलाई को दी गई थी तहरीर
पूरा मामला भरदुआ-मझगांवा निवासी रणधीर मिश्रा से जुड़ा हुआ है। रणधीर मिश्रा ने अधिकारियों को पत्र भेजकर बताया कि 30 जुलाई को ही उन्होंने नौगढ़ कोतवाली में नामजद तहरीर दी थी। उनका आरोप था कि नामजद लोगों ने दर्जनों महिलाओं के साथ आकर उनकी विस्थापित जमीन पर ट्रैक्टर चलाकर जबरन धान की रोपाई शुरू कर दी। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।

खेत में चलती रही रोपाई, जाम हुआ स्टेट हाईवे
आरोप है कि शिकायत मिलने के बाद भी स्थानीय पुलिस मामला टालती रही। पुलिस की इस सुस्ती का फायदा उठाकर दबंग विवादित खेत में रोपाई करते रहे। जब सुनवाई नहीं हुई, तो गुस्साए ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को स्टेट हाईवे पर बांस-बल्ली लगाकर चक्का जाम कर दिया। मामला बिगड़ता देख एसडीएम, तहसीलदार और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद ही ग्रामीणों ने जाम खत्म किया।

एसपी के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
जाम खत्म होने के बाद भी तीन दिनों तक इंतजार करना पड़ा। आखिरकार 3 अगस्त 2026 को दोपहर 2:42 बजे नौगढ़ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने बीएनएस की धारा 191(2), 329(1), 351(2), 352 और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक अजय कुमार को सौंप दी है।

सीओ बोले- दोषी बख्शे नहीं जाएंगे
मामले में पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) देवेंद्र कुमार का कहना है कि प्रकरण की बहुत ही गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने साफ कहा कि साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और इस मामले में कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, इस घटना ने स्थानीय पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर आम जनता को न्याय पाने के लिए आंदोलन का रास्ता क्यों अपनाना पड़ रहा है।

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