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अस्पताल में इलाज छोड़कर झाड़-फूंक कराने पर अड़े थे परिजन, डॉक्टर ने डांट कर किया इलाज, लौट आयीं सांसें

चंदौली के नौगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आधी रात को सांप काटने से गंभीर महिला को परिजन झाड़-फूंक के लिए ले जा रहे थे। डॉक्टर ने मुस्तैदी दिखाते हुए एंटी वेनम के 10 इंजेक्शन देकर महिला की जान बचा ली।

 
 

जहरीले सांप के डसने से बिगड़ी हालत

अस्पताल से झाड़-फूंक की थी तैयारी

डॉक्टर अजीत सिंह ने दिखाई दृढ़ता

एंटी वेनम के 10 इंजेक्शन दिए

चार घंटे बाद महिला को आया होश

क्या आज के इस आधुनिक दौर में भी अंधविश्वास इंसानी जिंदगी से बड़ा हो गया है? चंदौली जिले के नौगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में बुधवार की आधी रात को कुछ ऐसा ही हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला। यहाँ जहरीले सांप के डसने के बाद मौत से जूझ रही एक महिला को इलाज के बीच से ही परिजन झाड़-फूंक के लिए ले जाने लगे। लेकिन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने सूझबूझ दिखाई और एक बड़ा हादसा टल गया।

पूरा मामला नौगढ़ थाना क्षेत्र के मझगाई गांव का है। यहाँ रहने वाले राम निहोर की पत्नी मीना बुधवार की रात को हमेशा की तरह खाना खाकर सोने चली गई थीं। देर रात उन्हें एक बेहद जहरीले सांप ने डस लिया। सांप के काटते ही महिला की तबीयत बिगड़ने लगी, वह बेहोश हो गईं और उनके मुंह से झाग निकलने लगा। घबराए घरवाले ग्रामीणों की मदद से उन्हें तुरंत नौगढ़ अस्पताल ले गए।

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अस्पताल में इलाज और अंधविश्वास की टक्कर
अस्पताल में मौजूद डॉक्टर अजीत सिंह ने महिला की गंभीर हालत को देखते हुए बिना एक पल गंवाए एंटी स्नेक वेनम (ASV) की छह डोज देकर इलाज शुरू किया। करीब आधे घंटे तक जब महिला को होश नहीं आया, तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने परिजनों को झाड़-फूंक कराने की सलाह दे डाली। लोग डॉक्टर की बात मानने के बजाय महिला को अस्पताल से बाहर ले जाने की जिद करने लगे।

यही वो वक्त था जहां अंधविश्वास और डॉक्टरी इलाज आमने-सामने खड़े थे। डॉक्टर अजीत सिंह ने तुरंत दखल दिया और परिजनों को सख्ती से समझाया। डॉक्टर ने साफ कहा कि सर्पदंश का इलाज सिर्फ वैज्ञानिक दवाओं और एंटी स्नेक वेनम से ही मुमकिन है, झाड़-फूंक से कोई नहीं बचता। अगर इलाज बीच में छोड़ा तो मरीज की जान को भारी खतरा हो सकता है।

10 इंजेक्शन के बाद वापस लौटीं सांसें
डॉक्टर के काफी समझाने और डांटने के बाद परिजन आखिरकार मान गए और महिला को अस्पताल में ही रखने का फैसला किया। इसके बाद डॉक्टर ने महिला को एंटी वेनम की चार और डोज दीं। अस्पताल स्टाफ की कड़ी मेहनत और लगातार चार घंटे चले इलाज के बाद आखिरकार महिला को होश आ गया और उनकी हालत में तेजी से सुधार होने लगा।

महिला के पूरी तरह ठीक होने के बाद डॉक्टरों ने जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें सुबह अस्पताल से छुट्टी दे दी। यह घटना जहां एक तरफ सरकारी डॉक्टरों की मुस्तैदी और तत्परता की मिसाल बनी है, वहीं समाज को एक बड़ी सीख भी देती है। 'चंदौली समाचार' भी अपने पाठकों से अपील करता है कि सांप काटने पर झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद न करें, सीधे नजदीकी अस्पताल जाएं क्योंकि समय पर मिला इलाज ही जीवन बचा सकता है।

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