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कस्तूरबा विद्यालय नौगढ़ में बवाल: छात्राओं से पैर दबवाने और मारपीट का मामला, वार्डन ने बताया 'शर्मनाक' घटना

चंदौली के नौगढ़ स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शिक्षिका द्वारा छात्राओं से पैर दबवाने और मना करने पर मारपीट के गंभीर आरोप लगे हैं। परिजनों और ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचकर तीखे सवाल किए और जमकर हंगामा काटा।

 
 

नौगढ़ कस्तूरबा विद्यालय में भारी हंगामा

छात्राओं से जबरन पैर दबवाने का आरोप

कक्षा 10 की छात्रा से हुई मारपीट

भीम आर्मी ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

चंदौली जिले के नौगढ़ स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में रविवार की सुबह उस समय भारी विवाद खड़ा हो गया, जब स्कूल की छात्राओं ने एक शिक्षिका पर गंभीर आरोप लगाए। छात्राओं का कहना है कि शिक्षिका स्नेहा उनसे जबरन पैर दबवाती है और मना करने पर उनके साथ मारपीट व प्रताड़ना की जाती है। कक्षा 10 की एक छात्रा के साथ कथित पिटाई की खबर जैसे ही परिजनों और ग्रामीणों तक पहुंची, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और वे सीधे स्कूल जा पहुंचे।

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पैर दबाने से इनकार पर छात्रा की हुई पिटाई
छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों के मुताबिक, संबंधित शिक्षिका उनसे रोजाना पैर दबवाने और सिर पर मालिश कराने जैसे निजी काम करवाती थी। जब छात्राओं ने इस बात का विरोध किया, तो उन्हें प्रताड़ित किया जाने लगा। इसी क्रम में कक्षा 10 की छात्रा रानी के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। जैसे ही यह बात विद्यालय परिसर से बाहर ग्रामीणों तक फैली, परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और वे बिना देर किए विद्यालय पहुंच गए।

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वीडियो में कैद हुआ हंगामा और तीखे सवाल
मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें परिजन स्कूल के अंदर दाखिल होकर शिक्षिका से जवाब-तलब करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में लोग लगातार तीखे सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर बच्चियों के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार क्यों किया जा रहा है? हालांकि, परिजनों के सवालों पर शिक्षिका की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला और माहौल तनावपूर्ण होता देख वह वहां से निकल गईं। इस चुप्पी ने लोगों के संदेह और गुस्से को और बढ़ा दिया।

वार्डन ने बताया शर्मनाक
स्कूल की वार्डन ने भी इस पूरी घटना पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने इस घटना को बेहद 'शर्मनाक' करार दिया और यह स्वीकार किया कि वह खुद संबंधित शिक्षिका की इन हरकतों से काफी परेशान थीं। इस घटना ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सांसद कुंवर छोटेलाल खरवार और विधायक कैलाश आचार्य की सक्रियता अक्सर केवल तस्वीरों और दौरों में दिखती है, लेकिन जब बच्चियों की सुरक्षा और अस्मिता का सवाल आता है, तो उनका जमीनी हस्तक्षेप नजर नहीं आता।

कार्रवाई न होने पर भीम आर्मी ने दी आंदोलन की चेतावनी
घटना की गंभीरता को देखते हुए भीम आर्मी ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष रामचंद्र राम ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि बेटियों से जबरन काम कराना और उनके साथ मारपीट करना एक गंभीर अपराध है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि आरोपी शिक्षिका के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त विधिक कार्रवाई नहीं की गई, तो भीम आर्मी एक बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगी। अब क्षेत्र की जनता और पीड़ित परिजनों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

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