'चलो चंदौली प्रशासन आपके द्वार' की खुली पोल! गढ़वा में बिना बड़े अफसरों के निपटा दी गई मेगा जन चौपाल
चंदौली के नौगढ़ में आयोजित मेगा जन चौपाल में जिलाधिकारी, एसडीएम और बीडीओ सहित सभी बड़े अधिकारी नदारद रहे। अधिकारियों की खाली कुर्सियां देखकर ग्रामीण मायूस होकर लौट गए, जिससे 'प्रशासन आपके द्वार' अभियान पर सवाल उठ रहे हैं।
मेगा चौपाल से नदारद रहे अफसर
खाली कुर्सियां देख भड़के ग्रामीण
चलो चंदौली अभियान की खुली पोल
प्रधान व सचिव के भरोसे चौपाल
फरियादी मायूस होकर वापस लौटे
उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर ग्रामीण इलाकों में जनता की समस्याओं का मौके पर निस्तारण करने के लिए "चलो चंदौली प्रशासन आपके द्वार" अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन विकास खंड नौगढ़ के गढ़वा और चुप्पेपुर गांवों में आयोजित मेगा जन चौपाल ने इस अभियान की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गढ़वा गांव के पंचायत भवन पर दोपहर तीन बजे से ही सैकड़ों ग्रामीण अपनी शिकायतों और उम्मीदों की पोटली लेकर जुटने लगे थे। लेकिन चौपाल के शुरू होने से लेकर इसके खत्म होने तक जिले या तहसील स्तर का कोई भी बड़ा अधिकारी यहाँ नहीं पहुंचा। यहाँ तक कि खुद जिलाधिकारी चंद्र मोहन शर्मा का कोई प्रतिनिधि भी इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में नहीं आया।

BDO-SDM के गायब रहने पर भड़के ग्रामीण
इस मेगा चौपाल में सबसे ज्यादा चर्चा और नाराजगी खंड विकास अधिकारी (BDO) विकास सिंह, एसडीएम विकास मित्तल और तहसीलदार राहुल सिंह की अनुपस्थिति को लेकर रही। ग्रामीणों का साफ कहना था कि जब सरकार खुद गांव-गांव जाकर प्रशासन पहुंचाने की बड़ी-बड़ी बातें कर रही है, तो ब्लॉक और तहसील स्तर के सबसे जिम्मेदार अधिकारी ही जनता की सुनवाई से दूरी क्यों बनाए हुए हैं?
अधिकारियों के न आने से कार्यक्रम स्थल पर रखी कुर्सियां पूरी तरह खाली रहीं। अपनी समस्याओं को लेकर आए बुजुर्ग, किसान और महिलाएं घंटों अधिकारियों की राह देखने के बाद अंत में मायूस होकर वापस लौटने को मजबूर हो गए।
एक साल से केवल प्रधान और पंचायत सचिव के भरोसे चल रहा अभियान
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नौगढ़ क्षेत्र में आयोजित होने वाली अधिकांश जन चौपालों का यही हाल है। पिछले करीब एक वर्ष से यहाँ होने वाली चौपालें सिर्फ पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम प्रधानों के भरोसे ही औपचारिकता के तौर पर सिमट कर रह गई हैं, जिससे चौपालों का मूल उद्देश्य ही पूरी तरह खत्म हो रहा है।
गढ़वा पंचायत भवन में आयोजित इस चौपाल को अंततः राजस्व निरीक्षक अनिल पांडे और सहायक विकास अधिकारी अनिल कुमार ने जैसे-तैसे निपटाया। कार्यक्रम के दौरान केवल तीन महिलाओं की गोद भराई और तीन बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया, लेकिन मुख्य जनसमस्याओं पर कोई ठोस सुनवाई नहीं हो सकी।
सरकारी औपचारिकता बनकर रह गया "प्रशासन आपके द्वार" का दावा
गढ़वा और चुप्पेपुर की इस चौपाल के बाद अब ग्रामीणों के बीच यह बड़ा सवाल तैर रहा है कि क्या ये मेगा जन चौपालें वास्तव में जनता की तकलीफों को दूर करने का मंच हैं या फिर सिर्फ कागजी आंकड़े पूरे करने का माध्यम?
इस कार्यक्रम में सहायक विकास अधिकारी पंचायत उपेंद्र साहनी, ग्राम पंचायत अधिकारी मनीष सिंह, समाज कल्याण विभाग के सिद्धार्थ सिंह, डॉ. नीरज सिंह, डॉ. दिनेश कनौजिया, नीतू सिंह और ग्राम प्रधान पुष्पा कोल सहित कुछ स्थानीय कर्मचारी जरूर उपस्थित रहे, लेकिन बड़े अधिकारियों की अनुपस्थिति से जनता में भारी असंतोष व्याप्त है।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*








