नौगढ़ पुलिस का कमाल! केवल नाम पता था 'हेमलता', एक फोटो वायरल कर 2 महीने पुराना सस्पेंस खत्म, बिछड़ी महिला परिजनों से मिली
चंदौली के नौगढ़ में दो महीने से लापता एक गर्भवती महिला को पुलिस ने WhatsApp की मदद से महज कुछ घंटों में उसके परिवार से मिला दिया। लावारिस हालत में मिली महिला की तस्वीर वायरल होते ही उसकी पहचान हो सकी।
दो महीने से लापता गर्भवती हेमलता मिली
नौगढ़ पुलिस और WhatsApp की अनोखी पहल
मझगांवां गांव की निकली बिछड़ी महिला
परिजनों की आंखों से छलके खुशी के आंसू
जब किसी अपनों की तलाश में हर गुजरता दिन मायूसी लेकर आता है, तब कोई छोटी सी उम्मीद भी बहुत बड़ी बन जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ दो महीने से लापता एक गर्भवती महिला के परिवार के साथ। गुरुवार को नौगढ़-मधुपुर मुख्य मार्ग पर लावारिस हालत में मिली महिला को पुलिस ने न सिर्फ सुरक्षित किया, बल्कि आधुनिक तकनीक और WhatsApp की मदद से उसे उसके परिवार तक भी सकुशल पहुंचा दिया।
सड़क पर बदहवास घूम रही थी गर्भवती महिला, लोगों ने दी सूचना
जयमोहनी पोस्ता के पास गुरुवार सुबह स्थानीय लोगों ने एक गर्भवती महिला को अकेले और काफी परेशान हालत में घूमते देखा। अनहोनी की आशंका जताते हुए लोगों ने तुरंत इसकी जानकारी नौगढ़ पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। महिला कांस्टेबल ममता और उनकी टीम ने सबसे पहले महिला की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) नौगढ़ पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक इलाज किया।
नाम सिर्फ 'हेमलता'... फिर पुलिस ने खेला पहचान का सबसे बड़ा दांव
इलाज के बाद जब पुलिस ने महिला से पूछताछ की, तो उसने सिर्फ अपना नाम 'हेमलता' बताया। मानसिक स्थिति ठीक न होने की वजह से वह अपना पूरा पता या परिवार के बारे में कुछ भी नहीं बता पा रही थी। ऐसे में पुलिस के सामने महिला के परिवार को तलाशने की बड़ी चुनौती थी। तभी नौगढ़ पुलिस ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। महिला की फोटो खींचकर चकरघट्टा, मझगांवां, हरियाबांध और चंद्रप्रभा थानों के साथ-साथ दर्जनों स्थानीय WhatsApp ग्रुपों में शेयर कर दी गई।
एक तस्वीर ने खत्म किया दो महीने लंबा दर्दनाक इंतजार
पुलिस की यह तरकीब काम कर गई। WhatsApp ग्रुप्स में तैर रही तस्वीर जब मझगांवां गांव के लोगों के पास पहुंची, तो उन्होंने तुरंत महिला को पहचान लिया। महिला गांव की ही हेमलता थी, जो लालबरत की पत्नी हैं। यह जानकारी ग्राम पंचायत प्रशासक प्रतिनिधि ईश्वर कोल तक पहुंची। वे तुरंत मौके पर पहुंचे और महिला की पहचान की आधिकारिक पुष्टि की।
दो महीने से जारी थी तलाश, दर्ज कराई गई थी गुमशुदगी
ग्राम पंचायत प्रतिनिधि ईश्वर कोल ने बताया कि हेमलता की मानसिक हालत ठीक न होने के कारण वह करीब दो महीने पहले अचानक घर से कहीं निकल गई थीं। परिजनों ने रिश्तेदारों से लेकर आसपास के हर इलाके में खोजबीन की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो चकरघट्टा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। परिवार हर बीतते दिन के साथ किसी अनहोनी की आशंका से डर रहा था।
बेटी-बहू को सकुशल देख आंखों से छलक पड़े आंसू
कानूनी और मेडिकल प्रक्रिया पूरी करने के बाद नौगढ़ पुलिस ने हेमलता को उनके परिजनों को सौंप दिया। दो महीने बाद अपनी गर्भवती बेटी और बहू को सही-सलामत अपने सामने देखकर परिजनों के आंसू छलक पड़े। परिजनों ने नौगढ़ पुलिस, डॉक्टर, स्थानीय लोगों और WhatsApp ग्रुप्स में फोटो शेयर करने वाले सभी मददगारों का दिल से आभार व्यक्त किया।
नौगढ़ इंस्पेक्टर बोले— सुरक्षा और परिवार तक पहुंचाना थी प्राथमिकता
नौगढ़ इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि हमारी पहली प्राथमिकता महिला का स्वास्थ्य और उसकी सुरक्षा थी। समय पर मेडिकल सहायता दी गई और पहचान होते ही उसे परिजनों को सौंप दिया गया। इस पूरी घटना ने यह साबित कर दिया कि अगर सही सोच और नीयत से इस्तेमाल किया जाए, तो सोशल मीडिया बिछड़ों को मिलाने का एक बहुत बड़ा माध्यम बन सकता है।
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