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नौगढ़ का खेल मैदान कब्जामुक्त: एसडीएम के नेतृत्व में बुलडोजर चलाकर मदरसा और 7 दुकानें ध्वस्त

चंदौली के नौगढ़ तहसील के बरवाडीह गांव में खेल मैदान की जमीन पर हुए अवैध कब्जे पर प्रशासन का बुलडोजर चला है। एसडीएम के नेतृत्व में मदरसा और 7 दुकानों को ध्वस्त कर जमीन खाली कराई गई।

 
 

नौगढ़ में खेल मैदान कब्जामुक्त अभियान

एसडीएम विनय मिश्रा ने की कार्रवाई

बरवाडीह गांव में अवैध निर्माण ध्वस्त

सरकारी जमीन से हटाए गए कब्जे

चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रशासन का हंटर जोरदार तरीके से चला है। बरवाडीह गांव में बच्चों के खेल मैदान के लिए आरक्षित कीमती जमीन पर वर्षों से अवैध कब्जा जमाए बैठे लोगों पर एसडीएम ने बुलडोजर चलवा दिया। इस बड़ी और ताबड़तोड़ कार्रवाई से इलाके के कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है।

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खेल मैदान पर तान दी गई थीं दुकानें और मदरसा
चकरघट्टा थाना क्षेत्र के बरवाडीह गांव स्थित गाटा संख्या 333 खेल मैदान के लिए आरक्षित थी। हैरानी की बात यह है कि खेलकूद की इस सार्वजनिक जमीन को लोग अपनी निजी जागीर समझ बैठे थे और इस पर एक मदरसा के साथ-साथ 7 पक्की दुकानें भी खड़ी कर ली गई थीं।

निर्माण के समय कहां थे जिम्मेदार अधिकारी?
सवाल यह उठता है कि जब खेल मैदान जैसी सार्वजनिक भूमि पर एक-एक ईंट रखकर पक्के निर्माण खड़े किए जा रहे थे, तब स्थानीय स्तर पर देखरेख करने वाले जिम्मेदार विभाग और कर्मचारी कहां थे? यदि समय रहते कार्रवाई की जाती, तो सरकारी जमीन पर इतना बड़ा अतिक्रमण शायद हो ही नहीं पाता। ग्रामीणों का कहना है कि अब जाकर बच्चों को उनकी खेलकूद की जगह वापस मिली है।

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नोटिस और बेदखली आदेश के बाद भी नहीं माना कब्जाधारी
राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत पहले ही बेदखली का आदेश जारी किया जा चुका था और कब्जाधारियों को दो बार नोटिस भी दिए गए थे। इसके बावजूद जब जमीन स्वेच्छा से खाली नहीं की गई, तो प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया। बुधवार को एसडीएम विनय मिश्रा और तहसीलदार राहुल सिंह के नेतृत्व में राजस्व व पुलिस टीम भारी जेसीबी के साथ मौके पर पहुंच गई।

तीन घंटे चली कार्रवाई, मैदान हुआ कब्जामुक्त
मौके पर पहुंचते ही प्रशासन ने बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माणों को जमींदोज करना शुरू कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान कल्लू जायसवाल, यीशु मियां और रामलाल समेत सात लोगों के अवैध कब्जों को हटाया गया। करीब तीन घंटे तक चली इस कड़ी कार्रवाई के बाद बरवाडीह गांव का खेल मैदान पूरी तरह कब्जामुक्त करा लिया गया।

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"सरकारी जमीन किसी की निजी जागीर नहीं"
कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद एसडीएम विनय मिश्रा ने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि चाहे कब्जा कितना भी पुराना क्यों न हो, प्रशासन ऐसे मामलों को चिन्हित कर लगातार अभियान चलाएगा। सार्वजनिक जमीन पर पहला हक हमेशा बच्चों और ग्रामीणों का होता है।

पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण रहा अभियान
ध्वस्तीकरण के दौरान किसी भी विरोध या हंगामे से निपटने के लिए थानाध्यक्ष संतोष कुमार भारी पुलिस बल और महिला पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर मुस्तैद रहे। इसके अलावा लेखपाल मनीष सिंह, संजय पासवान, विक्रम पासवान और अजय मिश्रा सहित पूरी राजस्व टीम मौजूद रही। इस सख्त प्रशासनिक कार्रवाई से क्षेत्र में संदेश साफ है कि सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों के दिन अब लद चुके हैं।

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