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"नौगढ़ तुमसे नहीं संभल रहा..." कहा था..इसीलिए हटा दिए गए SDM, पर रिश्वतखोरी के आरोपी लेखपालों को कब हटाएंगे DM साहब?

चंदौली की नौगढ़ तहसील के एसडीएम विकास मित्तल का तबादला कर दिया गया है। दो महीने पहले वकीलों के भारी हंगामे और लेखपालों की रिश्वतखोरी के आरोपों के बाद हुए इस फेरबदल के बीच सवाल उठ रहा है कि वर्षों से जमे लेखपालों पर एक्शन कब होगा?

 

नौगढ़ के एसडीएम विकास मित्तल का तबादला, विनय मिश्रा बने नए एसडीएम

लेखपालों की रिश्वतखोरी को लेकर दो महीने पहले वकीलों ने किया था हंगामा

डीएम चंद्र मोहन गर्ग की "नौगढ़ तुमसे नहीं संभल रहा" वाली टिप्पणी आई थी चर्चा में

15 जून की डेडलाइन बीतने के बाद भी नहीं हिले सालों से जमे लेखपाल

नए एसडीएम विनय मिश्रा के सामने खनन और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की चुनौती

चंदौली जिले की नौगढ़ तहसील एक बार फिर भारी चर्चा में है। दो महीने पहले संपूर्ण समाधान दिवस में हुए भारी हंगामे के दौरान जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की एक तल्ख टिप्पणी खूब सुर्खियों में आई थी, जिसमें उन्होंने तत्कालीन एसडीएम से कहा था—"नौगढ़ तुमसे नहीं संभल रहा है।"

 अब प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए नौगढ़ के एसडीएम विकास मित्तल का तबादला कर उन्हें चकिया भेज दिया है, और चकिया के एसडीएम विनय  मिश्रा को नौगढ़ की नई कमान सौंपी है। लेकिन इस फेरबदल के बाद जनता पूछ रही है कि क्या सिर्फ अधिकारी बदलने से नौगढ़ की समस्याएं खत्म हो जाएंगी?

15 जून की डेडलाइन गुजरी, पर टस से मस नहीं हुए लेखपाल
आपको याद दिला दें कि दो महीने पहले लेखपालों पर खुलेआम रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं (वकीलों) ने तहसील परिसर में जोरदार आंदोलन छेड़ दिया था। तब बात इतनी बढ़ गई थी कि एडीएम प्रशासन को खुद आकर बीच-बचाव करना पड़ा था। अधिकारियों के इस भरोसे और आश्वासन के बाद वकीलों ने धरना खत्म किया था कि सालों से एक ही जगह पर जमे भ्रष्ट लेखपालों का ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इस तबादला नीति के लिए 15 जून 2026 तक का समय माना जा रहा था, लेकिन यह तारीख बीत जाने के बाद भी 'पुराने चेहरे' अपनी मलाईदार कुर्सियों पर शान से जमे हुए हैं।

खनन की कार्रवाई के बाद भी पहुंचती रहीं शिकायतें
अपने कार्यकाल के दौरान निवर्तमान एसडीएम विकास मित्तल ने अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ कई बार आधी रात को छापेमारी की और जेसीबी व ट्रैक्टरों को सीज भी किया। लेकिन इसके बावजूद अवैध खनन का खेल पूरी तरह बंद नहीं हुआ। लगातार मोबाइल और सोशल मीडिया के जरिए खनन की शिकायतें सीधे जिलाधिकारी दफ्तर तक पहुंचती रहीं, जिसने नौगढ़ के पूरे प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया।

नए एसडीएम विनय  मिश्रा के सामने 'कांटों का ताज'
अब नए एसडीएम विनय  मिश्रा के सामने नौगढ़ तहसील की बिगड़ी व्यवस्था को सुधारने की सबसे बड़ी और कठिन चुनौती है। तहसील में फैले राजस्व से जुड़े विवाद, अवैध खनन का काला कारोबार, लेखपालों की मनमानी और आम जनता की पेंडिंग शिकायतों का अंबार उनके स्वागत के लिए तैयार है। नौगढ़ के चौक-चौराहों पर अब बस यही एक सवाल गूंज रहा है कि जब इतने बड़े हंगामे के बाद एसडीएम साहब बदल दिए गए, तो क्या अब 10-10 साल से एक ही जगह पर कुंडली मारकर बैठे लेखपालों की बारी आएगी या फिर यह पूरा मामला सिर्फ आंखों में धूल झोंकने वाला ट्रांसफर बनकर रह जाएगा?

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