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मां सुनाती रहीं रामायण, बेटा किताबों में बुनता रहा ख्वाब: नौगढ़ के शिवांशु बने बैंक ऑफ बड़ौदा में अफसर, बधाई देने पहुंचे सांसद

नौगढ़ की मशहूर कथा वाचिका के बेटे शिवांशु जायसवाल ने बैंक ऑफ बड़ौदा में अधिकारी पद पर चयनित होकर इतिहास रच दिया है। उनकी इस शानदार सफलता पर बधाई देने के लिए खुद सांसद छोटेलाल खरवार उनके घर पहुंचे।

 

शिवांशु जायसवाल का बैंक ऑफ बड़ौदा में अधिकारी पद पर चयन

कथा वाचिका सुनीति रामायणी और कपड़ा व्यवसायी शिवनारायण के हैं सुपुत्र

वनांचल नौगढ़ जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर पाई बड़ी कामयाबी

रॉबर्ट्सगंज सांसद कुंवर छोटेलाल सिंह खरवार ने घर जाकर दी बधाई

सोशल मीडिया पर शिवांशु की सफलता की तस्वीरें हुईं वायरल

 कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों और परिवार से अच्छे संस्कार मिले हों, तो कोई भी मुकाम हासिल करना नामुमकिन नहीं है। ऐसा ही कुछ सच कर दिखाया है चंदौली जिले के वनांचल क्षेत्र नौगढ़ के रहने वाले शिवांशु जायसवाल ने। शिवांशु ने बैंक ऑफ बड़ौदा में अधिकारी पद पर चयनित होकर न सिर्फ अपने माता-पिता का सिर फक्र से ऊंचा किया है, बल्कि पूरे नौगढ़ इलाके का नाम रोशन कर दिया है।

शिवांशु की इस कामयाबी की सबसे खूबसूरत बात यह है कि उनकी माता सुनीति रामायणी क्षेत्र की जानी-मानी कथा वाचिका हैं। मां मंच से लोगों को रामायण और संस्कारों का पाठ पढ़ाती रहीं, और बेटा उन्हीं संस्कारों को आत्मसात कर किताबों में अपना भविष्य तलाशता रहा। जैसे ही शिवांशु के अधिकारी बनने की खबर इलाके में फैली, उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया।

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नौगढ़ के पिछड़ेपन को मात देकर तय किया अफसर बनने तक का सफर
भौगोलिक रूप से बेहद पिछड़े और वनांचल माने जाने वाले नौगढ़ जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की बैंकिंग परीक्षा पास करना कोई छोटी बात नहीं है। आमतौर पर बड़े शहरों जैसी कोचिंग, सुविधाएं और संसाधन यहाँ के युवाओं को नहीं मिल पाते। लेकिन शिवांशु ने साबित कर दिया कि अगर मन में कुछ कर गुजरने की चाह हो, तो परिस्थितियां कभी भी रास्ता नहीं रोक सकतीं।

शिवांशु की इस बड़ी जीत के पीछे उनके पिता शिवनारायण जायसवाल का भी लंबा संघर्ष रहा है, जो कपड़े का रेडीमेड व्यवसाय चलाकर परिवार को आगे बढ़ाने के लिए दिन-रात मेहनत करते रहे। यही वजह है कि आज पूरे इलाके के लोग शिवांशु की इस नौकरी को केवल एक रोजगार नहीं, बल्कि एक मध्यमवर्गीय परिवार के संघर्ष और संस्कारों की बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं।

बधाई देने पहुंचे सांसद, सोशल मीडिया पर भी छाए शिवांशु
शिवांशु की इस धमाकेदार सफलता की गूंज बहुत जल्द ही राजनीतिक और सामाजिक गलियारों तक भी पहुंच गई। रॉबर्ट्सगंज के सांसद कुंवर छोटेलाल सिंह खरवार खुद शिवांशु के नौगढ़ स्थित आवास पर पहुंचे। उन्होंने शिवांशु को मिठाई खिलाकर बधाई दी और कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं की ऐसी सफलताएं पूरे समाज को आगे बढ़ने की नई प्रेरणा देती हैं।

सांसद ने शिवांशु के परिवार के साथ अपनी तस्वीरें फेसबुक पर शेयर करते हुए लिखा कि अगर गांवों के युवाओं को सही रास्ता और मौके मिलें, तो वे भी देश के बड़े-बड़े संस्थानों में अधिकारी बन सकते हैं। सांसद के इस कदम के बाद सोशल मीडिया पर भी शिवांशु की कामयाबी की खूब चर्चा हो रही है और लोग उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दे रहे हैं।

सफलता के साथ उठ खड़ा हुआ गांवों की सुविधाओं का बड़ा सवाल
शिवांशु की यह शानदार कामयाबी जहाँ क्षेत्र के दूसरे युवाओं को जोश से भर रही है, वहीं यह हमारे सिस्टम पर एक बड़ा सवाल भी छोड़ जाती है। सच तो यह है कि हमारे गांवों और कस्बों में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, लेकिन आज भी ग्रामीण युवाओं को करियर गाइडेंस और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भटकना पड़ता है।

यह सफलता प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए एक बड़ा संदेश है कि यदि गांवों में ही अच्छी शिक्षा और सही मार्गदर्शन की व्यवस्था हो जाए, तो नौगढ़ जैसे वनांचल क्षेत्रों से ऐसे कई और शिवांशु निकल सकते हैं। फिलहाल, शिवांशु की इस उपलब्धि को लोग केवल एक परिवार की खुशी नहीं, बल्कि पूरे नौगढ़ क्षेत्र के लिए उम्मीद की एक नई और चमकदार किरण मान रहे हैं।

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