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नौगढ़ में जमीन नापी के नाम पर ₹20 हजार की घूसखोरी? गरीब महिला की शिकायत से नौगढ़ तहसील में मचा हड़कंप

चंदौली के नौगढ़ तहसील में जमीन की नापी के लिए ₹20 हजार मांगने का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पीड़ित महिला की शिकायत पर एसडीएम ने जांच टीम बिठा दी है, जिससे तहसील के बिचौलिया तंत्र में खलबली मच गई है।

 
 

नौगढ़ तहसील में मचा हड़कंप

जमीन नापी के लिए घूसखोरी

एसडीएम विनय मिश्रा ने बिठाई जांच

तहसील परिसर में बिचौलिया सक्रिय?

गरीब महिला ने लगाई गुहार

 चंदौली जिले की नौगढ़ तहसील इन दिनों एक अनोखे मामले को लेकर चर्चा में है। यहाँ एक गरीब महिला की फरियाद ने पूरी सरकारी व्यवस्था और राजस्व तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला जमीन की पैमाइश (नापी) से जुड़ा है, जहाँ कथित तौर पर ₹20 हजार की रिश्वत मांगी गई। महिला की इस शिकायत के बाद तहसील परिसर से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक हड़कंप मच गया है।

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एसडीएम के दरबार में पहुंची देवखत गांव की समराजी
पूरा मामला नौगढ़ तहसील के देवखत गांव का है। यहाँ रहने वाली समराजी नाम की महिला अपनी जमीन की नापी कराने के लिए लंबे समय से परेशान थी। थक-हारकर महिला समाधान दिवस में सीधे एसडीएम विनय मिश्रा के दरबार पहुंच गई। महिला ने आरोप लगाया कि धारा-24 के तहत उसकी जमीन की नापी करने के बदले में कानूनगो द्वारा ₹20 हजार रुपये की मांग की जा रही है। घूसखोरी की यह बात सुनते ही अधिकारी भी चौंक गए।

कानूनगो का इनकार, वकील बोले- हमने सिर्फ ₹2 हजार मांगे
शिकायत मिलते ही तहसीलदार राहुल सिंह तुरंत एक्शन में आए और उन्होंने संबंधित कानूनगो को तलब कर जवाब-तलब किया। हालांकि, कानूनगो ने साफ इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने किसी भी तरह के पैसों की मांग नहीं की है। इसके बाद जब संबंधित अधिवक्ता (वकील) से पूछताछ की गई, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने सिर्फ फाइल तैयार करने की अपनी फीस के रूप में ₹2 हजार रुपये मांगे थे। अब सवाल यह उठता है कि अगर कानूनगो और वकील ने पैसे नहीं मांगे, तो महिला तक ₹20 हजार की बात किसने पहुंचाई?

तहसील में एक्टिव है बिचौलिया गैंग?
इस पूरे घटनाक्रम ने नौगढ़ तहसील की साख पर बट्टा लगा दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या तहसील परिसर में कोई ऐसा बिचौलिया या दलाल तंत्र एक्टिव है, जो सीधे-साधे ग्रामीणों को डराकर सरकारी कर्मचारियों और वकीलों के नाम पर मोटी रकम वसूल रहा है? या फिर सरकारी दफ्तरों में बिना पैसे के काम न होने की धारणा इतनी मजबूत हो चुकी है कि लोग बिचौलियों के जाल में आसानी से फंस जाते हैं।

एसडीएम ने बैठाई जांच, चेहरों से उठेगा पर्दा
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम विनय मिश्रा ने पूरे प्रकरण की बारीकी से जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन कर दिया है। यह जांच टीम अब यह पता लगाएगी कि शिकायत में कितनी सच्चाई है और महिला से पैसे मांगने वाला असली चेहरा कौन है। प्रशासन का कहना है कि यदि शिकायत झूठी निकली तो आरोप लगाने वाले पर कार्रवाई होगी, लेकिन अगर किसी कर्मचारी या बिचौलिये की संलिप्तता पाई गई, तो उसे कतई बख्शा नहीं जाएगा। अब देखना होगा कि जांच टीम सच सामने लाती है या मामला रफा-दफा हो जाता है।

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