जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलMovie prime

वर्षों बाद मिली आध्यात्मिक पहचान: नौगढ़ तहसील में शिव मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल

नौगढ़ तहसील परिसर में पहली बार भगवान शिव मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई। भव्य शोभायात्रा, अखंड हरिकीर्तन और विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी भाग लेकर आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

 
 

नौगढ़ तहसील में पहली बार शिव मंदिर

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्राण-प्रतिष्ठा

हर-हर महादेव से गूंजा परिसर

अधिकारियों ने परिवार संग की सहभागिता

हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

चंदौली जिले की नौगढ़ तहसील, जो अब तक केवल प्रशासनिक गतिविधियों और सरकारी कामकाज के लिए जानी जाती थी, रविवार को एक ऐतिहासिक पल की साक्षी बनी। वर्षों तक मंदिर विहीन रहे तहसील परिसर में भगवान भोलेनाथ की वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई। इस आयोजन के साथ ही तहसील परिसर को एक नई आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान मिल गई।
संकल्प से साकार हुआ मंदिर निर्माण
तहसील परिसर में मंदिर निर्माण का विचार पूर्व उपजिलाधिकारी विकास मित्तल की पहल से शुरू हुआ था। समय के साथ यह संकल्प मूर्त रूप लेता गया और रविवार को भगवान शिव की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ यह सपना साकार हो गया। स्थानीय लोगों का मानना है कि अब तहसील आने वाले कर्मचारियों, वादकारियों और आम नागरिकों को परिसर में ही आस्था का एक पवित्र केंद्र उपलब्ध होगा।
भव्य शोभायात्रा बनी आकर्षण का केंद्र
प्राण-प्रतिष्ठा के उपरांत भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा को तहसील परिसर से कस्बा नौगढ़ होते हुए दुर्गा मंदिर पोखरा तक भव्य शोभायात्रा में ले जाया गया। गाजे-बाजे, शंखध्वनि और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। तेज धूप के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
इस दौरान उपजिलाधिकारी विकास मित्तल, तहसीलदार राहुल सिंह और पुलिस क्षेत्राधिकारी नामेंद्र कुमार रावत अपने परिवार के साथ शोभायात्रा में शामिल हुए। अधिकारी श्रद्धालुओं के साथ भजनों पर झूमते, अबीर-गुलाल उड़ाते और भगवान शिव के जयकारे लगाते दिखाई दिए, जिसने आयोजन को विशेष बना दिया।
अखंड हरिकीर्तन और विशाल भंडारा
मूर्ति स्थापना के बाद तहसील परिसर में अखंड हरिकीर्तन का आयोजन किया गया। इसके पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जो देर रात तक चलता रहा। हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर आयोजन की गरिमा बढ़ाई।
सामाजिक समरसता का बना उदाहरण
कार्यक्रम में संतों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, ग्राम प्रधानों, राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों और आम नागरिकों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज और प्रशासन की साझा सहभागिता का भी प्रतीक बना।
आयोजन समिति ने इसे नौगढ़ तहसील की नई सांस्कृतिक पहचान की शुरुआत बताते हुए सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। यह आयोजन आने वाले वर्षों में क्षेत्र की धार्मिक और सामाजिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*