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जिन पर वसूली की जिम्मेदारी वही निकले सबसे बड़े डिफाल्टर, तहसीलदार नौगढ़ पर 56.67 लाख बिजली बिल बकाया, टॉप-7 बकायेदारों में 5 सरकारी विभागों पर 95 लाख से ज्यादा का बकाया

नौगढ़ तहसील में बिजली बकायेदारों की टॉप-7 लिस्ट में 5 सरकारी विभाग हैं। तहसीलदार नौगढ़ पर सबसे ज्यादा 56.67 लाख बकाया है। टॉप-7 पर कुल 1 करोड़ से ज्यादा बकाया है। गरीब का कनेक्शन काटने पर ग्रामीणों में आक्रोश है।

 

तहसीलदार नौगढ़ पर 56.67 लाख बिजली बिल बकाया, टॉप बकायेदारों में नंबर-1

टॉप-7 बड़े बकायेदारों में 5 सरकारी विभाग, कुल 95 लाख से ज्यादा बकाया

रेंज अधिकारी मझगई पर 12.77 लाख, पुलिस चौकी औरवाटाड़ पर 11 लाख बकाया

थाना नौगढ़ 7.27 लाख, रेंज जयमोहनी 6.42 लाख, रिलायंस एनर्जी 5.12 लाख बकायेदार

स्मार्ट मीटर बिल और फोटो में बकाया दर्ज, ग्रामीण बोले - गरीब का कनेक्शन काटा जाता है

नौगढ़ तहसील में बिजली विभाग का एक हैरान करने वाला कारनामा सामने आया है। एक तरफ विभाग छोटे बकायेदारों का कनेक्शन काटने और वसूली के लिए अभियान चला रहा है, तो दूसरी तरफ टॉप बकायेदारों की लिस्ट में खुद सरकारी दफ्तर ही सबसे आगे हैं।

बिजली बिल के अनुसार टॉप-7 बड़े बकायेदारों में से 5 सरकारी विभाग हैं, जिन पर कुल मिलाकर लगभग 95 लाख रुपये से ज्यादा का बकाया है। कुल 7 बकायेदारों पर 1 करोड़ से ज्यादा का बकाया है।

इस लिस्ट में नंबर-1 पर तहसीलदार कार्यालय, नौगढ़ है, जिस पर अकेले 56.67 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है। हैरानी की बात है कि तहसीलदार कार्यालय ही राजस्व वसूली का सबसे बड़ा केंद्र होता है, और वही सबसे बड़ा डिफाल्टर निकला है।

टॉप-7 बकायेदारों की लिस्ट

1. तहसीलदार नौगढ़ - 56.67 लाख रुपये
2. रेंज अधिकारी मझगई - 12.77 लाख रुपये
3. पुलिस चौकी औरवाटाड़ - 11 लाख रुपये
4. थाना नौगढ़ - 7.27 लाख रुपये
5. रेंज जयमोहनी - 6.42 लाख रुपये
6. पुलिस चौकी औरवाटाड़ - 5.89 लाख रुपये
7. रिलायंस एनर्जी - 5.12 लाख रुपये

चंदौली समाचार के पास मौजूद बिजली के स्मार्ट मीटर की फोटो और बिजली बिल की कॉपी में इन सभी विभागों का बकाया साफ दर्ज है। सरकारी कार्यालय और पुलिस थाना की बिल्डिंग की तस्वीरें भी इसकी पुष्टि करती हैं। ये सभी बकाया कई वर्षों से लंबित बताए जा रहे हैं।

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थाना से लेकर प्राइवेट टावर तक बकायेदार

थाना नौगढ़ से लेकर प्राइवेट टावर तक बकायेदार बने हुए हैं। पुलिस चौकी, वन विभाग की रेंज और रिलायंस एनर्जी टावर पर भी लाखों का बकाया है। इससे साफ है कि वसूली अभियान सिर्फ गरीब और आम लोगों तक ही सीमित है।

ग्रामीणों में आक्रोश - दोहरा मापदंड क्यों?

स्थानीय लोगों का कहना है कि 1000-2000 रुपये बकाया होने पर आम किसान और गरीब का कनेक्शन तुरंत काट दिया जाता है, घर में अंधेरा कर दिया जाता है, लेकिन लाखों का बकाया होने पर भी सरकारी दफ्तरों की बिजली नहीं कटती, वहां 24 घंटे बत्ती फुल है।

ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब तहसीलदार कार्यालय पर ही 56 लाख बकाया है तो आम जनता से वसूली कैसे होगी। लोगों ने बिजली विभाग पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया है।

अब बड़ा सवाल यही है - जिन पर वसूलने की जिम्मेदारी है, जब उन्हीं पर सबसे ज्यादा बकाया है, तो वसूली कैसे होगी? क्या बिजली विभाग इन सरकारी विभागों पर भी वही सख्ती दिखाएगा जो आम जनता पर दिखाता है? इस पर सभी की नजर टिकी है।

अगर यही पैसा वसूल हो जाए तो नौगढ़ के कई गांवों में नए ट्रांसफार्मर और तार लग जाएंगे। ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग इस मामले में कार्रवाई करेगा।

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