नौगढ़ BRC में हाई वोल्टेज ड्रामा: शिक्षकों के दो गुटों में मारपीट, भवन निर्माण के भुगतान को लेकर भिड़े
नौगढ़ ब्लॉक संसाधन केंद्र (BRC) में गुरुवार को शिक्षकों के बीच जमकर मारपीट और हंगामा हुआ। विद्यालय भवन निर्माण के भुगतान को लेकर शुरू हुआ विवाद हाथापाई तक पहुँच गया, जिससे विभागीय अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
नौगढ़ बीआरसी कार्यालय में शिक्षकों का हंगामा
भवन निर्माण भुगतान को लेकर हुआ विवाद
खंड शिक्षा अधिकारी की मौजूदगी में मारपीट
सीसीटीवी फुटेज की जांच की उठी मांग
शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
जनपद के नौगढ़ ब्लॉक स्थित ब्लॉक संसाधन केंद्र (BRC) गुरुवार को जंग के मैदान में तब्दील हो गया। यहाँ शिक्षकों के दो गुटों के बीच शुरू हुई कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया और नौबत मारपीट तक पहुँच गई। इस घटना ने न केवल शिक्षा विभाग के अनुशासन की धज्जियां उड़ाई हैं, बल्कि सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा और कार्यशैली पर भी बड़े प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
भवन निर्माण के भुगतान से जुड़ा है मामला
विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ प्राथमिक विद्यालय गहिला के एक ध्वस्त भवन के पुनर्निर्माण और उसके लंबित भुगतान से जुड़ी है। आरोप है कि उक्त विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक अमित कुमार पांडेय पिछले काफी समय से प्रभारी कार्यालय सहायक पर भुगतान जारी करने का दबाव बना रहे थे। इसी मुद्दे को लेकर पिछले एक माह से दोनों पक्षों के बीच खींचतान चल रही थी। चर्चा यह भी है कि करीब एक महीने पहले भी दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी, जिसका एक कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
बीईओ की मौजूदगी में हुआ हंगामा
घटनाक्रम के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच सहायक अध्यापक अपने कुछ समर्थक शिक्षकों के साथ बीआरसी कार्यालय पहुँचे। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) लालमणि कन्नौजिया की मौजूदगी में ही विवाद अचानक बढ़ गया। सहायक अध्यापक ने प्रभारी कार्यालय सहायक के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और देखते ही देखते उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले से कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारी और शिक्षक दहशत में आ गए और पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
जांच के घेरे में विभागीय पारदर्शिता
इस घटना के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का पूछना है कि शिक्षण समय के दौरान शिक्षक अपने स्कूलों को छोड़कर बीआरसी पर भीड़ क्यों लगा रहे थे? साथ ही, जिस भवन निर्माण के भुगतान को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है, उसमें पारदर्शिता का अभाव बताया जा रहा है। शासन से लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद भुगतान को लेकर मचे इस बवाल ने भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा किया है।
फिलहाल, विभाग के उच्चाधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है और सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग तेज हो गई है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच हुई तो भुगतान के खेल और इस मारपीट के पीछे के असली चेहरों का पर्दाफाश हो सकेगा।
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