परसहवा गांव के ग्रामीणों की परेशानी: नाले पर पुलिया न होने से हर महीने जोखिम उठाकर राशन लेने को मजबूर
नाले पर पुलिया नहीं, हर महीने जोखिम भरा सफर
बरसात में उफान पर नाला, खतरे में जान
महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान
कोटेदार की मनमानी से बढ़ी मुश्किलें
चंदौली जिले के नौगढ़ में आजादी के 78 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र के परसहवा गांव के ग्रामीणों को अपने हक का सरकारी राशन पाने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। गांव का सस्ता गल्ला नाले के उस पार स्थित है। नाले पर पुलिया न होने से ग्रामीणों को बरसात के दिनों में पानी भरे खतरनाक नाले को पार करके राशन लेने जाना पड़ता है। यह समस्या कई वर्षों से बनी हुई है, लेकिन आज तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका।
बरसात में बढ़ जाती है मुश्किल
गांव के लोग बताते हैं कि बरसात में नाला उफान पर आ जाता है। इस दौरान महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बेहद जोखिम उठाकर नाले को पार करते हैं। कई बार लोग फिसलकर गिर भी चुके हैं, जिससे चोटिल होने की घटनाएं भी सामने आई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर महीने राशन लाने के दौरान यह खतरा बना रहता है, लेकिन मजबूरी में उन्हें यह सफर तय करना पड़ता है।
कोटेदार की मनमानी से बढ़ी ग्रामीणों की समस्या
ग्रामीणों की परेशानी सिर्फ नाले तक सीमित नहीं है। कोटेदार की मनमानी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार कोटेदार अंगूठा लगवाकर केवल पर्ची थमा देता है और बाद में राशन देने के लिए दुबारा बुलाता है। ऐसे में गरीब परिवारों को कई-कई बार नाले को पार करना पड़ता है। इससे न केवल समय और श्रम की बर्बादी होती है बल्कि जान का खतरा भी बना रहता है।
कालाबाजारी की भेंट चढ़ा अनाज
ग्रामीणों ने बताया कि बीते माह परसहवा गांव के कोटेदार की लापरवाही और मनमानी के चलते कार्डधारकों के लिए आया अनाज कालाबाजारी की भेंट चढ़ गया। गरीब परिवारों को उनका हिस्सा नहीं मिल पाया। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों की नाराजगी और उदासीन प्रशासन
ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार इस समस्या को लेकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत कर चुके हैं। बावजूद इसके आज तक नाले पर पुलिया बनाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन की उदासीनता के चलते ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि जब तक पुलिया नहीं बनेगी तब तक समस्या जस की तस बनी रहेगी।
जिला पूर्ति अधिकारी का बयान
इस मामले पर जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि परसहवा गांव के कोटेदार के खिलाफ मिली शिकायत की जांच कराई जा रही है। यदि अंगूठा लगवाकर बिना राशन दिए जाने की बात सही पाई गई तो कोटेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। वहीं, नाले पर पुलिया बनाने का मामला लोक निर्माण विभाग और ग्राम पंचायत से जुड़ा हुआ है। इसे जिला प्रशासन को अवगत कराकर समाधान का प्रयास किया जाएगा।
ग्राम प्रधान की प्रतिक्रिया
ग्राम प्रधान अरुण सिंह चेरो ने बताया कि गांव में कोटे का खाद्यान्न रखने के लिए पहल की जा रही है। इसके लिए अन्नपूर्णा भवन का निर्माण कराया जाएगा ताकि ग्रामीणों को राशन लेने में सहूलियत हो सके। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि जब तक नाले पर पुलिया नहीं बनेगी, तब तक उनकी समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी।
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