जंगल में केवल शेर-भालू ही नहीं नीलगाय भी लड़ती हैं, देख लीजिए लड़ाई का अंजाम
नौगढ़ में भिड़ गयी दो नीलगाय
जंगल में घायल होने के बाद वन विभाग ने बचाई जान
दोनों की जोरदार भिड़ंत से सहम गए थे देखने वाले लोग
चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में काशी वन्य जीव प्रभाग के अन्तर्गत जयमोहनी रेंज के हरियाबांध बीट में मंगलवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब दो नीलगाय आपस में ऐसे भीड़ गए कि पूरा इलाका गूंज उठा। दोनों की टक्कर इतनी जोरदार थी कि आसपास मौजूद लोग सहमकर भाग खड़े हुए। ग्रामीणों ने उन्हें छुड़ाने की कोशिश की, मगर नाकाम रहे। देखते-ही-देखते एक नीलगाय के पेट, मुंह और पैर में गंभीर चोटें आ गईं।

वन विभाग की टीम ने संभाला मोर्चा
वन क्षेत्राधिकारी मकसूद हुसैन को मोबाइल पर नीलगाय के घायल होने की सूचना मिलने पर वन रक्षक चंद्रशेखर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घायल नीलगाय को वन विभाग के वाहन से नौगढ़ पशु चिकित्सालय लाया गया। यहां पशु चिकित्सक डॉ. कमलेश सिंह ने प्राथमिक उपचार किया और दो -तीन इंजेक्शन लगाए। डॉक्टर ने बताया कि नीलगाय को गहरी चोटें हैं और उसका लगातार एक सप्ताह तक इलाज करना होगा।
रेंज परिसर में होगी घायल की विशेष देखभाल
वन क्षेत्राधिकारी मकसूद हुसैन ने चंदौली समाचार को बताया कि घायल नीलगाय का इलाज के बाद फिलहाल रेंज परिसर में रखा गया है। जब तक उसके जख्म पूरी तरह भर नहीं जाते, उसका उपचार चलता रहेगा। वन विभाग की टीम उसकी नियमित देखभाल करती रहेगी। स्वस्थ होने के बाद उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाएगा।

ग्रामीण बोले– शेर जैसी थी भिड़ंत
घटना के बाद से ग्रामीणों में चर्चा है कि नीलगायों की भिड़ंत इतनी खतरनाक थी मानो जंगल में शेर लड़ रहे हों। लोगों ने राहत की सांस ली की वन विभाग समय रहते पहुंचगया, वरना घायल नीलगाय की जान भी जा सकती थी।
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