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नौगढ़ में जंगली सूअर की टक्कर से वॉचर पारसनाथ गंभीर रूप से घायल

हादसे के कुछ ही सेकंड बाद गिरती बाइक और चीखने-चिल्लाने की तेज आवाज से आसपास के लोग चौकन्ने हो गए। दौड़कर मौके पर पहुँचे तो उन्होंने वॉचर पारसनाथ को जमीन पर बेहोशी की हालत में पड़ा पाया।
 

घायल वॉचर का अस्पताल में चल रहा है इलाज 


चकरघट्टा थाना क्षेत्र में ड्यूटी से लौटते समय हुयी घटना


 सुखदेवपुर मोड पर वाइल्ड एनिमल अटैक की घटना

चंदौली जिले में तहसील नौगढ़  के वन क्षेत्र में वनकर्मियों पर बढ़ते खतरे को उजागर करती एक घटना शाम को हुई, चकरघट्टा थाना क्षेत्र के नौगढ़ रेंज में तैनात वॉचर पारसनाथ उस समय गंभीर रूप से घायल हो गया, जब झाड़ियों से अचानक निकले जंगली सूअर ने उनकी बाइक को तेज गति से जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना अप्रत्याशित और भीषण था कि पारसनाथ मौके पर ही सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत अभी भी नाज़ुक बनी हुई है।

कैसे हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि वाचर  पारसनाथ शाम लगभग 5:30 बजे वानादाग प्लांटेशन क्षेत्र से गश्त कर अपने घर लौट रहा था। यह रूट पहाड़ी और झाड़ियों से घिरा हुआ है, जहाँ जंगली जानवरों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। जैसे ही वे सुखदेवपुर मोड़ के नजदीक पहुंचा, घने झाड़ियों से अचानक एक जंगली सूअर तेज रफ्तार में उनकी बाइक की दिशा में झपटा। जोरदार टक्कर लगते ही बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर फिसल गई और पारसनाथ दूर जा गिरा। टक्कर की इतनी ज्यादा थी कि उन्हें सिर और पैर में गहरी चोटें आईं और वे मौके पर ही अचेत हो गया। वनकर्मियों का कहना है कि  क्षेत्र में पहले भी कई बार जंगली सूअरों से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।


हादसे के कुछ ही सेकंड बाद गिरती बाइक और चीखने-चिल्लाने की तेज आवाज से आसपास के लोग चौकन्ने हो गए। दौड़कर मौके पर पहुँचे तो उन्होंने वॉचर पारसनाथ को जमीन पर बेहोशी की हालत में पड़ा पाया। गांव के लोगों ने उसकी नब्ज और सांस की स्थिति देख गंभीरता समझी और तुरंत 108 एंबुलेंस को फोन किया। एंबुलेंस आने के बाद पारसनाथ को स्ट्रेचर पर लादकर अस्पताल भेजा गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे गंभीर अवस्था में भर्ती किया है।‌

वन क्षेत्राधिकारी बोले-
वन क्षेत्राधिकारी नौगढ़  संजय कुमार श्रीवास्तव ने चंदौली समाचार को बताया कि  वॉचर पारसनाथ रेंज का  सबसे सक्रिय और जिम्मेदार कर्मचारियों में से हैं। डॉक्टरों की देखरेख में इलाज जारी है। विभाग की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि  विभाग ने प्रभावित इलाके में रात्री गश्त बढ़ाने, झाड़ियों की कटान कराने और वनकर्मियों के लिए सुरक्षा दिशा-निर्देशों का निर्णय लिया है। रेंजर ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में जंगली सूअरों की बढ़ती गतिविधि वन टीमों के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है।

 

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