सरकारी धन की बंदरबांट: अरारी ग्राम पंचायत में बंद शौचालय के नाम पर हर माह हो रहा भुगतान
शहाबगंज के अरारी ग्राम पंचायत में सरकारी धन का दुरुपयोग
बंद सामुदायिक शौचालय पर हर माह भुगतान
एडीओ पंचायत और प्रधान की मिलीभगत से 'केयर टेकर' समूह को जा रहा पैसा
चंदौली जिले के शहाबगंज विकासखंड की अरारी ग्राम पंचायत में सरकारी धन के दुरुपयोग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां बना सामुदायिक शौचालय वर्षों से बंद पड़ा है, लेकिन इसके नाम पर ग्राम प्रधान, एडीओ पंचायत और सेक्रेटरी की कथित मिलीभगत से हर माह फर्जी भुगतान किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यह भुगतान "केयर टेकर रविदास स्वयं सहायता समूह" के नाम पर हो रहा है, जबकि शौचालय कभी खुलता ही नहीं है।

गंदे पानी का उपयोग करने को मजबूर ग्रामीण
मामले की गंभीरता तब उजागर हुई जब यह पता चला कि शौचालय के खुले टैंक में बरसात या आसपास का पानी जमा रहता है। शर्मनाक बात यह है कि ग्रामीण मजबूरी में उसी पानी का प्रयोग उपली पाथने जैसे कार्यों में कर रहे हैं। जब ग्रामीणों से इस गंदे पानी के इस्तेमाल का कारण पूछा गया, तो उनका जवाब था कि "यहाँ शौचालय कभी खुला ही नहीं तो पानी गंदा कैसे होगा!" यह जवाब शौचालय की स्थिति और फर्जीवाड़े की ओर सीधा इशारा करता है।
एडीओ पंचायत पर मिलीभगत का आरोप
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि एडीओ पंचायत और पंचायत सेक्रेटरी की आपसी मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी धन की बंदरबांट कैसे करनी है, इसका पूरा ज्ञान शहाबगंज के एडीओ पंचायत को भलीभांति है। इस खुले भ्रष्टाचार के कारण स्वच्छ भारत मिशन और ग्रामीण विकास की योजनाएं केवल कागजों तक सिमट कर रह गई हैं। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
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