नौगढ़ तहसील में पंचायत सचिवों का ऐलान, 15 दिसंबर को डोंगल रखकर करेंगे बहिष्कार और अनिश्चितकालीन आंदोलन
नौगढ़ में 15 दिसंबर को पंचायत सचिवों होगा आंदोलन
पंचायत सचिवों ने खुलकर दे दी है दो-टूक चेतावनी
सरकारी डोंगल रख देंगे विकास खंड कार्यालय में
जानिए क्या है विरोध प्रदर्शन करने का पूरा मामला
चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील में पंचायत सचिवों का सब्र अब टूट चुका है। शासन ने काम तो बढ़ा दिए, लेकिन संसाधन, सुविधा और समाधान कुछ नहीं दिया और अब पंचायत सचिवों ने खुलकर दो-टूक चेतावनी दे दी है कि 15 दिसंबर को पूरे प्रदेश के विकास खंड कार्यालयों में डोंगल जमा कर दिए जाएंगे और उसके बाद यदि मांगे पूरी नहीं हुईं तो पूर्ण कार्य बहिष्कार और अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू हो जाएगा।
आपको बता दें कि नौगढ़ ब्लॉक मुख्यालय पर सोमवार को पंचायत सचिवों ने काली पट्टी बांधकर जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। सचिवों ने कहा कि महीनों से पत्र भेजकर अपनी आवाज शासन तक पहुंचाई, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई। अब आंदोलन की शुरुआत हो चुकी है और यह मजबूरी नहीं, जरूरी संघर्ष है।
काम बढ़ाओ, संसाधन मत दो की नीति नहीं चलेगी
पंचायत सचिवों ने कहा कि अचानक लागू किया गया Physical Recommendation आधारित Online System जमीनी स्तर पर अत्यधिक बोझ बढ़ा रहा है। सीमित संसाधनों और अत्यधिक कार्यभार के बीच सचिवों ने यह स्पष्ट कहा सरकार हर जिम्मेदारी पंचायत सचिवों पर डाल रही है, लेकिन सुविधाएँ और स्टाफ शून्य। यह सिस्टम जमीनी सच्चाई को नजरअंदाज करना है।
पंचायत सचिवों के मुताबिक उन पर यह अतिरिक्त कार्य निरंतर दबाव बना रहे हैं —
किसान पंजीकरण, टैक्स सर्वे, आयुष्मान कार्ड, पेंशन सत्यापन, कायाकल्प कार्यक्रम, पराली प्रबंधन जैसे ढेर सारा काम। सचिवों ने कहा कि ये कार्य अब बर्दाश्त से बाहर हो गए हैं, और किसी भी पेशेवर कर्मचारी का इतना असंतुलित शोषण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आंदोलन का चरणबद्ध कार्यक्रम, हर कदम पहले से अधिक तेज
- 1 से 4 दिसंबर — ब्लॉक मुख्यालय पर काली पट्टी बांधकर प्रतीकात्मक विरोध और नारेबाजी
- 5 दिसंबर से — प्रदेश के सभी 826 विकासखंडों में शांतिपूर्ण सत्याग्रह व मुख्यमंत्री को ज्ञापन
- 10 दिसंबर से — सचिव निजी वाहनों का उपयोग बंद कर देंगे, कोई सरकारी कार्य नहीं करेंगे
- 15 दिसंबर से — सभी पंचायत सचिव अपने-अपने ब्लॉक कार्यालयों में डोंगल जमा करेंगे
इसके बाद सचिवों ने एक ही संदेश दिया है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 दिसंबर आंदोलन का अंत नहीं — बल्कि लड़ाई का असली आरंभ साबित होगा।”
जिम्मेदारी शासन की होगी सचिवों की दो-टूक चेतावनी
सचिवों ने स्पष्ट कहा, यदि कार्य रुकेंगे, योजनाएँ ठप होंगी और जनता प्रभावित होगी तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और विभाग की होगी, न कि सचिवों की। हम समाधान चाहते हैं, टकराव नहीं, लेकिन अगर समाधान नहीं मिला तो संघर्ष अपरिहार्य है।
सचिवों की मजबूत एकजुटता दिखी
विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पंचायत सचिव मौजूद रहे। प्रमुख रूप से उपेंद्र साहनी, वतन सिंह, संतोष कुमार गौतम, संदीप प्रताप सिंह, जितेंद्र कुमार यादव, उदय प्रसाद, मनीष सिंह, सुधाकर सिंह पटेल सहित अन्य सचिव शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि हमारी लड़ाई अपनी हक़, सम्मान और संतुलित कार्यप्रणाली के लिए है और इसे पूरा करवाए बिना आंदोलन खत्म नहीं होगा। यदि शासन ने ठोस निर्णय नहीं लिया तो पूर्ण कार्य बहिष्कार और अनिश्चितकालीन धरना अगला कदम होगा।
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