मनोज सिंह डब्लू का 'डबल इंजन' सरकार पर तंज: गेहूं खरीद के लिए बोरा तक नहीं, खुले आसमान में बर्बाद हो रहा अन्न
सपा नेता मनोज सिंह डब्लू ने गेहूं खरीद में हो रही देरी और बोरों की किल्लत को लेकर सरकार और स्थानीय विधायक को घेरा है। चिरईगांव केंद्र पर 8 दिनों से खुले में पड़े गेहूं को देख उन्होंने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
गेहूं क्रय केंद्रों पर बोरों का भारी संकट
8 दिनों से खुले आसमान में पड़ा किसानों का गेहूं
पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू का तीखा प्रहार
फसल बर्बाद हुई तो फूटेगा किसानों का गुस्सा
डबल इंजन सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल
चंदौली जिले में गेहूं खरीद की कछुआ चाल और संसाधनों के अभाव ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। धान खरीद के बाद अब गेहूं की फसल को लेकर दर-दर भटक रहे किसानों के समर्थन में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू मंगलवार को मैदान में उतरे। उन्होंने चिरईगांव स्थित गेहूं क्रय केंद्र का औचक निरीक्षण किया, जहाँ अव्यवस्थाओं का अंबार देख वे भड़क उठे।
8 दिनों से खुले में पड़ा है अन्नदाता का गेहूं
निरीक्षण के दौरान पूर्व विधायक ने पाया कि भारी मात्रा में गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। पीड़ित किसानों ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे पिछले सोमवार से अपनी उपज लेकर केंद्र पर डटे हैं, लेकिन आठ दिन बीत जाने के बाद भी तौल शुरू नहीं हो सकी है। जब किसानों ने केंद्र प्रभारी से कारण पूछा, तो उन्हें बताया गया कि जनपद में गेहूं भरने के लिए बोरों (Bags) की उपलब्धता ही नहीं है। इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि यह सरकार की घोर संवेदनहीनता है।
'डबल इंजन' सरकार पर साधा तीखा निशाना
पूर्व विधायक ने तंज कसते हुए कहा कि जो 'डबल इंजन' की सरकार आए दिन किसानों की आय दोगुनी करने का ढिंढोरा पीटती है, वह आज एक बोरा तक उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने स्थानीय विधायक और जिला प्रशासन पर हमला बोलते हुए कहा, "सरकार की किसान सम्मान निधि की मामूली राशि से किसानों का खर्च नहीं चलता। किसान के परिवार की बेटियों की शादी, बुजुर्गों की दवाई और बच्चों की पढ़ाई इसी अनाज की बिक्री पर निर्भर है।"
मौसम के मिजाज और आंदोलन की चेतावनी
मनोज सिंह डब्लू ने प्रशासन को आगाह किया कि मौसम का मिजाज बदल रहा है। यदि असमय बारिश हुई, तो किसानों की पूरी मेहनत मिट्टी में मिल जाएगी और इसका जिम्मेदार सिर्फ प्रशासन होगा। उन्होंने केंद्र प्रभारी और अधिकारियों को चेतावनी दी कि तत्काल बोरों की व्यवस्था कर खरीद मुकम्मल की जाए। पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही समाधान नहीं निकला, तो किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूटेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय विधायक और शासन की होगी।
इस दौरान बड़ी संख्या में किसान और सपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी नाराजगी जाहिर की।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*







