प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से पहले चंदौली में किसानों को किया गया हाउस अरेस्ट
किसान विकास मंच ने लगाया तानाशाही का आरोप
विरोध में 14 सितंबर को 'किसान पंचायत' का ऐलान
विकास के नाम पर जमीन हड़पने का आरोप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी में आयोजित एक कार्यक्रम से पहले, चंदौली जिले में किसान विकास मंच के कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने होम कस्टडी में रखा है। संगठन ने इस कार्रवाई को सरकार का "तानाशाह रवैया" बताया है और आरोप लगाया है कि यह किसानों की आवाज को दबाने की कोशिश है। पुलिस के इस कदम के विरोध में किसान विकास मंच ने आगामी रविवार को एक विशाल 'किसान पंचायत' का आयोजन करने की घोषणा की है।
रात में पुलिस ने दी दबिश, कई हिरासत में
किसान विकास मंच के अनुसार, पुलिस ने 10 सितंबर की रात करीब बारह बजे अचानक संगठन के अध्यक्ष राधेश्याम पांडेय के घर दबिश दी और उन्हें होम कस्टडी में रहने का निर्देश दिया। जब कारण पूछा गया तो पुलिस ने बताया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में संगठन द्वारा 'खलल डालने की आशंका' के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।

इसी तरह की कार्रवाई संगठन मंत्री राम अवध सिंह के खिलाफ भी की गई। राम अवध सिंह ने बताया कि खिलची गांव में उनके घर भी पुलिस और चौकीदार ने दबिश दी और उन्हें रात बारह बजे से सुबह दस बजे तक होम कस्टडी में रखा। इसके बाद, उन्हें 11 सितंबर की रात नौ बजे तक फिर से घर में ही रहने को कहा गया।
सरकार का 'तानाशाह रवैया': किसानों को छेड़ने का अंजाम
किसान विकास मंच ने पुलिस की इस कार्रवाई को मोदी और योगी सरकार का तानाशाह रवैया बताया है। संगठन ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि वाराणसी में कार्यक्रम होने के बावजूद चंदौली जिले के किसान कार्यकर्ताओं को हिरासत में रखना किसी अन्याय से कम नहीं है। यह सीधे तौर पर किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि सरकार को किसानों के साथ इस तरह के बर्ताव का अंजाम भुगतना पड़ेगा। विज्ञप्ति में कहा गया है कि सरकार को यह समझना चाहिए कि किसानों को छेड़ने का अंजाम अच्छा नहीं होगा। यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि सरकार किसानों से डरी हुई है और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के उनके अधिकार को कुचलना चाहती है।
कथित विकास के नाम पर जमीन हड़पने का आरोप
किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं का कहना है कि पुलिस की यह कार्रवाई केवल एक बहाना है, जबकि सरकार का असली मकसद कथित विकास के नाम पर किसानों की जमीन को हड़पने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां किसानों के हितों के खिलाफ हैं और वह पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए किसानों की भूमि पर कब्जा करना चाहती है। यह एक ऐसी योजना है, जिसका किसान पुरजोर विरोध करेंगे और किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं जाने देंगे।
विरोध में 14 सितंबर को 'किसान पंचायत' का ऐलान
पुलिस की इस कार्रवाई और सरकार के तानाशाह रवैये के विरोध में किसान विकास मंच ने एक बड़े आंदोलन की घोषणा की है। संगठन के तत्वावधान में रविवार 14 सितंबर को भिटियां में एक विशाल किसान पंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस पंचायत में हजारों की संख्या में किसान इकट्ठा होकर सरकार के इस कदम की निंदा करेंगे और अपनी मांगों को लेकर आगे की रणनीति तय करेंगे।
प्रेस विज्ञप्ति जारी करने वाले संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने कहा कि यह किसान पंचायत किसानों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ एक मजबूत आवाज बनेगी और लोकतंत्र तथा संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*








