'जनसेवक नहीं, सत्ता की गुलाम बनी पुलिस', 17वीं FIR दर्ज होने पर ऐसे नाराज दिखे सपा नेता मनोज सिंह डब्लू
सपा नेता मनोज सिंह डब्लू ने चंदौली पुलिस पर सत्ता के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है। सैयदराजा में सरस्वती प्रतिमा विसर्जन जुलूस रोके जाने और खुद पर 17वीं FIR दर्ज होने के बाद उन्होंने पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल
17वीं FIR को बताया राजनीतिक षड्यंत्र
सैयदराजा में मूर्ति विसर्जन जुलूस पर विवाद
सीओ सदर पर पक्षपात करने का आरोप
संविधानिक अधिकारों के दमन का लगाया इल्जाम
चंदौली जिले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने जनपद पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है। अपने ऊपर 17वीं एफआईआर दर्ज होने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए सपा नेता ने कहा कि पुलिस का मूल धर्म जनता की सेवा करना है, लेकिन चंदौली पुलिस 'जनसेवक' के बजाय 'सत्ता की सेवक' बनने की भूमिका निभा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में पुलिस प्रशासन सत्ता पक्ष के इशारे पर विपक्ष और आम जनता की आवाज को दबाने का काम कर रहा है।
सैयदराजा में संविधानिक अधिकारों का दमन
मनोज सिंह डब्लू ने गणतंत्र दिवस की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जब पूरा देश संविधान लागू होने का जश्न मना रहा था, तब सैयदराजा थाना पुलिस और सीओ सदर जनता के संवैधानिक अधिकारों को पुलिसिया बल से कुचलने में व्यस्त थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पुलिस ने सैयदराजा के लोगों की सेवा का 'तोहफा' मुझे और 60 अन्य लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करके दिया है। यह कार्रवाई पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
हिंदुओं को बांटने की राजनीति का आरोप
सपा नेता ने भाजपा पर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब सत्ता पक्ष हिंदुओं को भी बांटने में लगा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के लिए पुलिस ने पहले अनुमति दी थी, लेकिन सत्ता पक्ष के विधायक का दबाव बनते ही पुलिस ने रंग बदल लिया। विसर्जन जुलूस को बैरिकेड लगाकर जबरन रोक दिया गया। जब पूजा कमेटी ने अपनी बात रखने की कोशिश की, तो उन पर लाठियां भांजी गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीओ सदर ने मामले को सुलझाने के बजाय उसे जानबूझकर तल्ख किया ताकि राजनीतिक षड्यंत्र को अंजाम दिया जा सके।
प्रशासन के दोहरे मापदंड पर सवाल
मनोज सिंह डब्लू ने पुलिस के तर्कों को खोखला बताते हुए कहा कि प्रशासन ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों की दुहाई देकर सैयदराजा में जुलूस रोका, जबकि उसी रात जिला मुख्यालय पर देर रात तक डीजे के साथ जुलूस निकाले गए। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि मुख्यालय पर लगे सीसीटीवी फुटेज से पुलिस के इस दोहरे चरित्र की पुष्टि की जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस दमनकारी नीति के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे और जनता के अधिकारों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*






