राज्यसभा में गूंजी चंदौली की मांग: सांसद दर्शना सिंह ने 'धान का कटोरा' के लिए मांगा स्पेशल क्लस्टर
सांसद दर्शना सिंह ने राज्यसभा के शून्यकाल में चंदौली को 'धान क्लस्टर' बनाने की जोरदार मांग की। उन्होंने धान के सुरक्षित भंडारण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण की आवश्यकता बताते हुए इसे पूर्वांचल के लाखों किसानों की खुशहाली के लिए अनिवार्य कदम बताया।
उच्च सदन में उठी धान क्लस्टर की मांग
चंदौली बनेगा पूर्वांचल का बड़ा कृषि केंद्र
छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा लाभ
भंडारण और प्रसंस्करण की आधुनिक सुविधा
डबल इंजन सरकार की नीतियों पर भरोसा
देश के उच्च सदन (राज्यसभा) में शून्यकाल के दौरान एक बार फिर चंदौली की गूंज सुनाई दी। जिले की लोकप्रिय सांसद दर्शना सिंह ने चंदौली के किसानों के हितों की वकालत करते हुए सदन में 'धान क्लस्टर' (Paddy Cluster) की स्थापना की महत्वपूर्ण मांग रखी। उन्होंने चंदौली को "पूर्वांचल का धान का कटोरा" बताते हुए कहा कि यहाँ का किसान देश की खाद्य सुरक्षा में रीढ़ की हड्डी की तरह है।
किसानों की समस्याओं और चुनौतियों का जिक्र
सदन को संबोधित करते हुए सांसद दर्शना सिंह ने कहा कि चंदौली के अधिकांश किसान छोटे और सीमांत श्रेणी में आते हैं। आधुनिक और पारंपरिक खेती के बावजूद, सुरक्षित भंडारण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कटाई के बाद नमी के कारण धान खराब होने का डर बना रहता है, जिसके चलते किसानों को अक्सर अपनी फसल औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ती है। एक समर्पित क्लस्टर होने से इस समस्या का स्थायी समाधान मिल सकेगा।
डबल इंजन सरकार में ही आत्मनिर्भर होगा किसान
सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की सराहना करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार कृषि को आधुनिक बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों के कारण ही आज देश के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है कि चंदौली जैसे प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए।
पूरे पूर्वांचल को मिलेगा लाभ
सांसद दर्शना सिंह ने तर्क दिया कि चंदौली में धान क्लस्टर बनने से केवल इसी जिले को नहीं, बल्कि मिर्जापुर, सोनभद्र, गाजीपुर और जौनपुर जैसे पड़ोसी जिलों के किसानों को भी सीधा लाभ होगा। बेहतर विपणन और भंडारण की व्यवस्था विकसित होने से पूरे पूर्वांचल की ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। भौगोलिक रूप से भी चंदौली रेल और सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है, जिससे चावल के परिवहन में आसानी होगी।
कृषि मंत्री से विशेष आग्रह
अपने संबोधन के अंत में सांसद ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री से आग्रह किया कि चंदौली में धान क्लस्टर की स्थापना की प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से न केवल किसानों की आय दोगुनी होगी, बल्कि चंदौली कृषि मानचित्र पर एक नई और मजबूत पहचान के साथ उभरेगा।
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