मुगलसराय को ही नहीं पंडित दीनदयाल उपाध्याय को भी बदनाम कर रही है भाजपा, नगर पालिका के डिमोशन पर बोले रामकिशुन
मुगलसराय नगर पालिका का ग्रेड 'A' से घटकर 'C' होने पर सियासत तेज हो गई है। सपा नेता रामकिशुन यादव ने इसे भाजपा की विफलता और स्थानीय जनता से प्रतिशोध बताया है, जिससे विकास कार्यों पर संकट मंडरा रहा है।
मुगलसराय नगर पालिका ग्रेड डाउनग्रेड
सपा नेता रामकिशुन यादव का बयान
भाजपा सरकार पर लगा उपेक्षा का आरोप
नगर पालिका बजट में भारी कटौती
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर की बदहाली
चंदौली जनपद की एकमात्र नगर पालिका परिषद, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) इन दिनों गहरे संकट से गुजर रही है। कभी 'A' ग्रेड की श्रेणी में शुमार रहने वाली इस महत्वपूर्ण नगर पालिका को राजस्व मंत्रालय द्वारा अब 'C' ग्रेड यानी तृतीय श्रेणी में डाल दिया गया है। शासन के इस फैसले के बाद से ही जनपद में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।

सपा ने भाजपा पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने इस मामले पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। 'चंदौली समाचार' से खास बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार न केवल मुगलसराय की उपेक्षा कर रही है, बल्कि अपने आदर्श नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम को भी बदनाम कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस नगर का नाम पंडित जी के नाम पर रखा गया, आज वही पालिका भाजपा शासन में 'D-ग्रेड' की ओर अग्रसर है।
चुनाव हार का बदला लेने का आरोप
सपा नेता ने दावा किया कि भाजपा सरकार मुगलसराय की जनता से बदला ले रही है, क्योंकि नगर पालिका चुनाव में भाजपा उम्मीदवार को हराकर लोगों ने सोनू किन्नर को जीत दिलाई थी। रामकिशुन यादव का आरोप है कि यहां वर्षों से कोई स्थायी अधिशासी अधिकारी (EO) तैनात नहीं किया गया, जिससे विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सोनू किन्नर अब राजनीतिक दबाव में भाजपा के कार्यक्रमों में दिखाई दे रही हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रशासनिक ढांचे पर गहरा असर
राजस्व विभाग के प्रमुख पी. गुरु प्रसाद द्वारा जारी शासनादेश ने पालिका के प्रशासनिक ढांचे को कमजोर कर दिया है। शासन के निर्देश पर स्थानीय कर निर्धारण अधिकारी सहित तीन कर निरीक्षकों के पद तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए गए हैं। अब पूरी पालिका की जिम्मेदारी मात्र एक कर अधीक्षक और एक कर निरीक्षक पर है, जिससे राजस्व वसूली की गति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ना तय है।
बजट में भारी कटौती और विकास पर संकट
ग्रेड 'C' घोषित होने का सबसे भयावह पहलू वित्तीय संकट है। विशेषज्ञों के अनुसार, अब पालिका को वार्षिक फंड के रूप में मात्र 4 करोड़ रुपये ही प्राप्त होंगे, जो एक सामान्य नगर पंचायत के बजट के बराबर है। बजट की इस भारी कमी के कारण सड़क निर्माण, सफाई व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था जैसे बुनियादी कार्यों के लिए धन का अभाव होगा। अब पालिका प्रशासन को कर्मचारियों के वेतन के लिए भी स्थानीय टैक्स पर पूरी तरह निर्भर रहना पड़ेगा।
प्रशासन का क्या है पक्ष?
अधिशासी अधिकारी और एसडीएम राजीव मोहन सक्सेना ने पालिका को तृतीय श्रेणी में डाले जाने की पुष्टि की है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि वर्तमान में जनगणना का कार्य जारी है, जिसके आंकड़े अपडेट होने के बाद स्थिति में सुधार की उम्मीद है। उन्होंने माना कि फंड की कमी से शुरुआती दौर में परेशानी होगी, लेकिन प्रशासन का प्रयास रहेगा कि जनता को बुनियादी सुविधाएं मिलती रहें।
सपा की आंदोलन की चेतावनी
इस पूरे मामले में पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने चेतावनी दी है कि यदि चंदौली की एकमात्र नगर पालिका की स्थिति सुधारने और पर्याप्त बजट दिलाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो समाजवादी पार्टी जल्द ही सड़क पर उतरकर आंदोलन शुरू करेगी। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार इस ग्रेड कटौती पर पुनर्विचार करती है या मुगलसराय की बदहाली जारी रहेगी।
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