'बिना बजट कहाँ से हो रही गड़ई नदी की खुदाई?' मुगलसराय विधायक के दावे पर रामकिशुन यादव ने पूछा सवाल
चंदौली में सपा ने धरना देकर गड़ई नदी की खुदाई में बड़ी अनियमितता का आरोप लगाया है। मुगलसराय विधायक के बयान पर पलटवार करते हुए सपा नेताओं ने पूछा है कि आखिर इस काम के लिए पैसा कहाँ से आ रहा है?
गड़ई नदी की खुदाई से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर सपा का बड़ा आरोप
करोड़ों की परियोजना बताने के बावजूद अब तक कोई शासनादेश नहीं आया सामने
मिट्टी निकालने के खेल में भारतमाला परियोजना का नाम आने पर उठे सवाल
मुगलसराय विधायक के बयान पर सपा नेताओं ने किया तीखा पलटवार
बिजली, सिंचाई, खाद और खराब सड़कों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
चंदौली में आयोजित समाजवादी पार्टी के धरना-प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी नेताओं ने प्रदेश की भाजपा सरकार को चौतरफा घेर लिया। सपा नेता रामकिशुन यादव ने साफ शब्दों में कहा कि जिला आज बिजली संकट, सिंचाई के लिए पानी की किल्लत, खाद की कमी और बदहाल सड़कों जैसी गंभीर बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है।
जनता इन दिक्कतों से त्रस्त है, लेकिन सरकार और स्थानीय प्रशासन कोई ठोस कदम उठाने के बजाय पूरी तरह मौन साधे बैठा है। नेताओं ने आरोप लगाया कि ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बदहाल हो चुकी है और किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए समय पर नहरों का पानी नहीं मिल पा रहा है।

गड़ई नदी की खुदाई पर उठे बड़े सवाल, शासनादेश की मांग
इस पूरे प्रदर्शन के दौरान गड़ई नदी की खुदाई और उसमें हो रही कथित वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं का मुद्दा सबसे ज्यादा गरमाया रहा। सपा के वरिष्ठ नेताओं ने मंच से कहा कि इस नदी की खुदाई को लेकर पहले प्रशासन और सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की भारी-भरकम परियोजना होने की बड़ी-बड़ी बातें कही गई थीं।
परंतु, हैरानी की बात यह है कि अब तक इस तथाकथित बड़ी परियोजना से जुड़ा कोई भी स्पष्ट शासनादेश (Government Order) जनता या मीडिया के सामने नहीं आया है। नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान में नदी से धड़ल्ले से मिट्टी निकालकर खुदाई का जो काम कराया जा रहा है, उसके पीछे भारतमाला परियोजना का नाम घसीटा जा रहा है।

मुगलसराय विधायक के बयान पर सपा का तीखा पलटवार
खुदाई के इस विवाद के बीच मुगलसराय विधायक के उस बयान पर भी सपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें विधायक ने कहा था कि भारतमाला परियोजना के तहत कोई मिट्टी नहीं ली जा रही, बल्कि स्थानीय किसान खुद अपनी जरूरत के लिए यहाँ से मिट्टी ले जा रहे हैं।
इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए समाजवादियों ने सवाल दागा कि अगर यह कोई सरकारी प्रोजेक्ट नहीं है, तो फिर इस खुदाई के लिए भारी-भरकम मशीनें कहाँ से आईं और इसके लिए धन कहाँ से आवंटित हो रहा है? उनका सीधा दावा है कि शासन स्तर से इस कार्य के लिए अब तक एक ढेला भी जारी नहीं हुआ है।
दस्तावेज सार्वजनिक करने की उठी पुरजोर मांग
सपा नेताओं ने जिला प्रशासन और संबंधित सिंचाई विभाग से मांग की है कि गड़ई नदी की खुदाई से जुड़े जितने भी टेंडर, स्वीकृतियां और जरूरी सरकारी दस्तावेज हैं, उन्हें तुरंत सार्वजनिक किया जाए। ऐसा करने से ही दूध का दूध और पानी का पानी हो सकेगा। नेताओं ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि विकास के नाम पर पर्दे के पीछे चल रहे इस खेल को जनता अब अच्छी तरह समझ चुकी है। अगर सरकार ने तुरंत स्थिति स्पष्ट नहीं की और जनहित की इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को लेकर अपनी लड़ाई को और तेज करेगी।
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