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सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने उठाया मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा; कमिश्नर से मिलकर बॉर्डर जिलों के लिए रखी विशेष मांग

सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने मंडलायुक्त से मुलाकात कर मतदाता सूची में प्रवासियों के नाम जोड़ने और चंदौली की चंद्रप्रभा व गरई नदियों की डी-सिल्टिंग की मांग की है। उन्होंने धान क्रय केंद्र और उर्वरक उपलब्धता पर भी जोर दिया।

 
 

मतदाता सूची पुनरीक्षण में अनियमितता पर रोक

चंद्रप्रभा और गरई नदियों की खुदाई की मांग

धान क्रय केंद्रों की समय सीमा बढ़े

साधन सहकारी समितियों पर खाद की उपलब्धता

चंदौली जनपद के समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने शनिवार को वाराणसी में मंडलायुक्त एस राजलिंगम से औपचारिक मुलाकात की और क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को लेकर एक मांग पत्र सौंपा। सांसद ने प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता पर जोर देते हुए निर्वाचक नामावली के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतिम चरण में हो रही संभावित गड़बड़ियों की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की दोहरी प्रविष्टि या अनियमितता न हो।

 SP MP Virendra Singh Chandauli, Commissioner S Rajalingam Meeting,

मतदाता सूची में प्रवासियों के नाम और फर्जीवाड़े पर रोक की मांग
सांसद वीरेंद्र सिंह ने मंडलायुक्त के समक्ष यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया कि उत्तर प्रदेश के कई मूल निवासी वर्तमान में अन्य राज्यों में स्थायी रूप से प्रवास कर रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसे व्यक्तियों के नाम दोबारा उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, जो चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।

 विशेष रूप से चंदौली जैसे सीमावर्ती जनपदों में इस प्रकार की दोहरी प्रविष्टियों की संभावना अधिक रहती है। सांसद ने मांग की कि प्रशासन इस पर कड़ा दिशानिर्देश जारी करे ताकि फॉर्म 6 के माध्यम से होने वाली किसी भी संभावित अनियमितता को समय रहते रोका जा सके।

चंदौली की नदियों में सिल्ट जमाव का मामला
मुलाकात के दौरान सांसद ने चंदौली की भौगोलिक समस्याओं, विशेषकर चंद्रप्रभा और गरई (पहाड़ी) नदियों की बदहाली का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि इन नदियों में लंबे समय से सिल्ट (मिट्टी और बालू) जमा होने के कारण इनकी जल धारण क्षमता कम हो गई है। इसके परिणामस्वरूप मानसून के दौरान भारी जलभराव होता है, जिससे हजारों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो जाती है। इस समस्या से किसानों को हर साल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने मंडलायुक्त से इन नदियों की अविलंब डी-सिल्टिंग और खुदाई कराने की मांग की ताकि किसानों की फसलों को बचाया जा सके।

धान क्रय केन्द्रों और उर्वरक की समस्या पर भी चर्चा
किसानों के हितों की रक्षा करते हुए सांसद ने धान क्रय केंद्रों की संचालन अवधि बढ़ाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समय विस्तार मिलने से अधिक से अधिक किसान अपनी उपज सरकारी दर पर बेच सकेंगे और बिचौलियों के शोषण से बच पाएंगे। इसके साथ ही, आगामी फसल की तैयारी के लिए साधन सहकारी समितियों पर इफको (IFFCO) द्वारा निर्मित उर्वरकों की निर्बाध और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही। 

सांसद ने जोर दिया कि यदि समितियों पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित रहेगी, तो किसानों को समय पर खाद मिलेगी और वे आगामी फसल की तैयारी सुचारू रूप से कर सकेंगे।

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