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जानिए नेशनल इंटर कॉलेज के इतिहास के प्रवक्ता क्यों हुए निलंबित, तस्वीर का दूसरा रुख यह भी है
कॉलेज के अधिकांश अध्यापक व छात्र इस बात से सहमत नहीं हैं कि  इतिहास के प्रवक्ता आनंद सिंह कॉलेज में आकर सही तरीके से पठन पाठन नहीं करते हैं।
 

इतिहास के प्रवक्ता आनंद सिंह के निलंबन का मामला

नेशनल इंटर कॉलेज सैयदराजा का हाल

कहते हैं कि गलत कामों का विरोध करने पर मिला है दंड

चंदौली जिले का नेशनल इंटर कॉलेज अपने पढ़ाई एवं अनुशासन के मामले में पहले से ही सख्त रहने की बात कही जाती है और कहा जाता है कि कॉलेज में अनुशासनहीनता बर्दास्त नहीं होगी, लेकिन कॉलेज के इतिहास के प्रवक्ता आनंद सिंह पर हुई कार्यवाही से इसका दूसरा संदेश जा रहा है। कॉलेज के अधिकांश अध्यापक व छात्र इस बात से सहमत नहीं हैं कि  इतिहास के प्रवक्ता आनंद सिंह कॉलेज में आकर सही तरीके से पठन पाठन नहीं करते हैं।

Lecturer Anand Singh

कुछ लोगों के द्वारा ऐसा भी कहा जा रहा है कि अनुशासनहीनता के नाम पर इतिहास के प्रवक्ता आनंद सिंह पर निलंबन की कार्यवाही की गयी है, लेकिन सच्चाई यह है कि वह कॉलेज में हो रहे गलत कार्यों का विरोध करते थे। इसीलिए कॉलेज के प्रधानाचार्य व प्रबंध समिति के लोगों के निशाने पर आ गये हैं। 

इस निलंबन की कार्रवाई के संबंध में विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार सिंह ने बताया कि प्रबंध समिति द्वारा इतिहास के प्रवक्ता आनंद सिंह को 2 महीने के लिए निलंबित किया गया है। इन पर आरोप है कि विद्यालय की व्यवस्था को बिगड़ना, अधिकारियों से उलझ जाना तथा प्रधानाचार्य के साथ अपशब्द का उपयोग करते हैं। मेरे द्वारा की गयी शिकायत के आधार पर आरोप पत्र तैयार करके प्रबंधक द्वारा इन्हें निलंबित किया गया है।

 वहीं इस संबंध में विद्यालय में पठन-पाठन कार्य कर रहे  छात्रों ने बताया कि इतिहास की क्लास नियमित संचालित होती है और आनंद सर की क्लास में हर एक चैप्टर विधिवत पढ़ाया जाता है। वह जो कुछ पढाते हैं वह हमारे समझ में भी आता है।

इसके साथ ही इस संबंध में सहायक अध्यापक सतीश तिवारी ने बताया कि उन्हें भी जानकारी प्राप्त हुई है कि आनंद सिंह को प्रबंध समिति द्वारा निलंबित किया गया है, लेकिन किन कारणों से किया गया है.. इस बाबत उनको कोई जानकारी नहीं है। उनके स्कूल आने तथा शिक्षण कार्य कराए जाने के संबंध में कहा कि वह तो नियमित स्कूल आते थे और अपने क्लास में पीरियड को पढ़ाने जाने के लिए समय से क्लास में भी जाते थे। अब वहां जाकर क्या करते थे यह बात तो वह ही बता सकते हैं या तो क्लास के बच्चे बता सकते हैं।

वहीं मामले में कक्षा 10 में पढ़ रहे छात्र अजय यादव ने बताया कि आनंद सर की इतिहास की क्लास नियमित चलती है और हमारी क्लास में इतिहास विषय की पढ़ाई अच्छे से होती है। उनके द्वारा बताए और समझाए गए विषय भी अच्छे से समझ में आते हैं। लेकिन गुरुवार से वह क्लास नहीं ले रहे हैं।

वहीं विद्यालय प्रांगण में विद्यालय के उप प्रधानाचार्य प्रवक्ता उमेश चंद तिवारी ने बताया कि विद्यालय में कोविड-19 के बाद अब सुचार रूप से शिक्षण कार्य कराया जा रहा है, जो कि आप विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था को देखकर अंदाजा लगा सकते हैं। चर्चा में चल रहा है निलंबन के बारे में पूछे जाने पर  बताया कि यह विद्यालय परिवार के समान है और सुधारने के लिए कार्यवाही होती रहती है। निलंबन कोई दंड की प्रक्रिया नहीं है। यह परिवार के सदस्य को सुधारने के लिए एक तरह से कार्यवाही की गई है। प्रधानाचार्य जी के आरोप पत्र के आधार पर प्रबंधक द्वारा कार्यवाही की गई है।

अब देखना है कि इस निलंबन की कार्यवाही को प्रबंध समिति द्वारा कब तक कायम रखती है और अनुशासनहीनता तथा विद्यालय की व्यवस्था बिगाड़ने के आरोपी अध्यापक आनंद सिंह इस पर अपना क्या रुख अपनाते हैं।

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