सोशल मीडिया को हथियार बनाकर बदनाम करने की साजिश, बबुरी के पांडेपुर गांव निवासी राकेश पांडेय ने खटखटाया न्यायालय का दरवाजा
चंदौली के बबुरी थाना क्षेत्र के पांडेपुर गांव निवासी राकेश पांडेय ने सोशल मीडिया के माध्यम से मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए न्यायालय की शरण ली है। उन्होंने भाभी और भतीजों पर अभद्र भाषा और कानून के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
सोशल मीडिया से उत्पीड़न का आरोप
बबुरी के पांडेपुर गांव का मामला
राकेश पांडेय ने न्यायालय में की शिकायत
भाभी और भतीजों पर अभद्र भाषा का आरोप
संपत्ति विवाद को बताया कारण
चंदौली जनपद के बबुरी थाना क्षेत्र के पांडेपुर गांव निवासी राकेश कुमार पांडेय उर्फ सोनू ने सोशल मीडिया के माध्यम से मानसिक, सामाजिक और आर्थिक उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाते हुए न्यायालय की शरण ली है। पीड़ित ने मामले से जुड़े पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला
राकेश कुमार पांडेय का आरोप है कि उनके भाई की मौत हुए करीब छह वर्ष बीतने के बाद भाई की पत्नी और उनके बच्चों द्वारा उनके घर पहुंचकर विवाद करने, मारपीट करने तथा कथित रूप से अनैतिक व्यवहार करते हुए प्रापर्टी बेचने के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि इस पूरे विवाद के चलते उनकी पत्नी, बहन और अन्य परिजनों को भी लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सहारा लेकर उनके और परिवार के सदस्यों के संबंध में उनकी भाभी और भतीजे द्वारा अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे न केवल उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है, बल्कि परिवार के लोगों को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सामाजिक प्रतिष्ठा पर हमला
उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के माध्यम से व्यक्तिगत विवाद को सार्वजनिक कर परिवार की मर्यादा को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है और कानून का दुरुपयोग करते हुए पुलिस प्रशासन से भी झूठी तथ्यों के आधार पर प्रताड़ित करने का प्रयास किया गया है। लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा ठोस प्रमाण व दस्तावेज के अवलोकन के बाद किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं की गई, लेकिन सोशल मीडिया को सहारा बनकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।
राकेश पांडेय ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच में पाया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं। इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद भी सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
संपत्ति विवाद है कारण
राकेश पांडेय के अनुसार, उन्होंने मामले से संबंधित विभिन्न साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। ऐसे लोगों के सोशल अकाउंट को भी पूरी तरह से प्रतिबंधित करने की मांग की है, जिससे कि किसी के मानसिक सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचता हो।
पीड़ित ने यह भी बताया कि उनके पिता ने अपनी मृत्यु से पूर्व अपनी संपत्तियों के संबंध में उनके तथा उनकी बहन के नाम वसीयत की थी। उनका दावा है कि वर्तमान विवाद के पीछे संपत्ति से जुड़े मामले हैं। पिता की वसीयत के बाद से ही भाभी और भतीजे उन पर प्रॉपर्टी बेचने का दबाव बना रहे हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़ित ने न्यायालय से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोकना जरूरी है ताकि किसी और को इस तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।
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