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वाह रे बलुआ पुलिस! एक ही अपराध में 2 तरह का ट्रीटमेंट, तीसरे को लेकर अब बहाना बना रहे हैं दरोगा जी

चंदौली के चहनियां में पुलिस की एक अजीब कार्रवाई चर्चा में है। दो बुलेट के साथ तीन आरोपियों को पकड़ने के बाद पुलिस ने चौराहे पर सिर्फ दो की ही परेड कराई। तीसरे को वीआईपी ट्रीटमेंट देने पर जनता सवाल उठा रही है।
 

बलुआ पुलिस की कार्रवाई बनी चर्चा

चहनियां चौराहे पर कराई गई परेड

सिर्फ दो आरोपियों को घुमाया गया

तीसरे आरोपी को बचाने का आरोप

थाना प्रभारी ने दिया अजीब तर्क

 

चंदौली जिले के चहनियां क्षेत्र में इन दिनों बलुआ पुलिस की एक अनोखी कार्रवाई हर तरफ चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और दो बुलेट मोटरसाइकिल के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस के आधिकारिक दावों के मुताबिक, पकड़े गए इन आरोपियों के कब्जे से दो बुलेट गाड़ियां और एक अवैध पिस्टल भी बरामद की गई है।

तीन अपराधी पकड़े, पर परेड सिर्फ दो की हुई
इस बड़ी कामयाबी के बाद पुलिस की एक अजीब हरकत ने पूरी कार्रवाई को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने जनता के बीच खौफ कम करने के लिए चहनियां चौराहे पर आरोपियों की परेड कराई, तो उसमें केवल दो ही आरोपियों को शामिल किया गया। तीसरे आरोपी को इस सार्वजनिक परेड में शामिल नहीं किए जाने को लेकर पूरे इलाके में तरह-तरह की कानाफूसी और चर्चाएं शुरू हो गई हैं।


जनता पूछ रही- तीसरे को क्यों मिला वीआईपी ट्रीटमेंट?
स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि यदि पुलिस ने एक ही अपराध में एक साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, तो कानूनन परेड में भी तीनों को शामिल किया जाना चाहिए था। ऐसे में तीसरे आरोपी की अनुपस्थिति कई गंभीर संदेह पैदा करती है। बाजार के लोगों के बीच यह बात कौतूहल का विषय है कि आखिर तीसरे आरोपी को सार्वजनिक रूप से सामने क्यों नहीं लाया गया और उसके साथ ऐसा अलग व्यवहार क्यों हुआ?

भीड़भाड़ वाले चौराहे पर हुआ पूरा घटनाक्रम
बताया जा रहा है कि पुलिस ने जांच के दौरान तीन लोगों को हिरासत में लिया था और कानूनी कार्रवाई शुरू की थी। लेकिन चहनियां चौराहे पर कराई गई इस अधूरे वीआईपी ट्रीटमेंट वाली परेड ने पूरी पारदर्शिता पर पानी फेर दिया। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पुलिस को निष्पक्षता बरतनी चाहिए ताकि किसी प्रकार का भ्रम न फैले। सूत्रों की मानें तो इस पूरे मामले में अंदरखाने का खेल कुछ और ही नजर आ रहा था।

दरोगा जी का अजीब तर्क- दूसरी गाड़ी से गया था मेडिकल
इस पूरे मामले पर जब बलुआ थाना प्रभारी अरुण सिंह से सीधा सवाल पूछा गया कि आखिर तीसरे युवक को चौराहे पर क्यों नहीं घुमाया गया, तो उन्होंने बड़ा अजीब तर्क दिया। थाना प्रभारी ने भड़कते हुए कहा, "यह कौन सा लॉजिक है? दो आरोपी मेरे साथ थे और तीसरा आरोपी सेकंड गाड़ी से मेडिकल जांच के लिए चला गया था, इसलिए उसे परेड नहीं कराया गया।" अब दरोगा जी का यह बहाना लोगों के गले नहीं उतर रहा है।

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