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पशु तस्करों के 44 बैंक खातों से 200 करोड़ से अधिक का लेनदेन, 33 गिरफ्तार और इन 2 लोगों की तलाश जारी

चंदौली में पशु तस्करों के अंतरप्रांतीय गिरोह के 44 खातों से 200 करोड़ से अधिक का संदिग्ध लेनदेन सामने आया है। पुलिस अब तक 33 तस्करों को जेल भेज चुकी है, जबकि 3 पुलिसकर्मियों पर भी मिलीभगत का आरोप है।

 
 

44 बैंक खातों से 200 करोड़ का लेनदेन

पशु तस्करी गिरोह के 33 आरोपी जेल भेजे गए

तीन पुलिसकर्मियों के खातों से 1 करोड़ ट्रांजेक्शन

तस्करों को लोकेशन देने का पुलिसकर्मियों पर आरोप

बिहार से पकड़े गए आरोपी के खाते से 2.75 करोड़ लेनदेन

चंदौली जिले में गोवंशीय पशु तस्करों का अंतरप्रांतीय नेटवर्क काफी गहरा फैला हुआ है। सीमा पर नाकेबंदी और पुलिस की लगातार कार्रवाइयों के बावजूद अलग-अलग रास्तों से तस्करी का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। मामले की जांच में खुलासा हुआ है कि 35 पशु तस्करों के इस बड़े गिरोह से जुड़े 44 से अधिक बैंक खातों के जरिए 200 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन किया गया है। पुलिस इस मामले में अब तक 33 तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि दो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

पासिर की गिरफ्तारी से खुली पूरी पोल
इस बड़े सिंडिकेट का खुलासा 2025 में सैयदराजा थाने में दर्ज एक मुकदमे के बाद हुआ। तत्कालीन निरीक्षक विंदेश्वरी नारायण ने पशु तस्करी के एक मामले में एफआईआर दर्ज की थी। यद्यपि मुख्य पशु तस्कर उस समय फरार हो गया था, लेकिन वाहनों को पुलिस नाकों से सुरक्षित पास कराने वाले पासिरों को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद जब मामले की जांच आगे बढ़ी, तो पूरी कड़ी दर कड़ी परतें खुलती चली गईं।

वकील के साक्ष्य देने पर पुलिसकर्मियों की खुली पोल
गिरफ्तार पासिर को छुड़ाने के लिए जब एक अधिवक्ता कोतवाली पहुंचे, तो उन्होंने पुलिस और तस्करों के बीच जारी सांठगांठ और अवैध वसूली के पक्के साक्ष्य दिए। पुलिस विवेचना के दौरान आरक्षी सत्येंद्र यादव, उसके भाई और अजयपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पूरे मामले की गहन जांच क्राइम ब्रांच की विवेचना सेल को सौंप दी गई, जिसके बाद वित्तीय अनियमितताओं का यह बड़ा बवंडर सामने आया।

पुलिसकर्मियों के खातों में 1 करोड़ का ट्रांजेक्शन
क्राइम ब्रांच विवेचना सेल की जांच में जब गिरोह के 44 से अधिक खातों को खंगाला गया, तो 200 करोड़ रुपये से ज्यादा के लेनदेन का मामला प्रकाश में आया। चौंकाने वाली बात यह रही कि इस नेटवर्क में शामिल तीन पुलिसकर्मियों के खातों से भी करीब 1 करोड़ रुपये का लेन-देन पाया गया। आरोप है कि ये पुलिसकर्मी तस्करों से मोटी रकम वसूलकर उन्हें पुलिस लोकेशन की पल-पल की जानकारी देते थे, ताकि तस्करी के वाहन आसानी से निकल सकें।

सहज सेवा केंद्र भी नहीं चलाने वाले के खाते से 2.75 करोड़ का खेल
जांच प्रक्रिया के दौरान 28 जून को पुलिस ने बिहार से एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। जब उसके बैंक खाते की पड़ताल की गई, तो अकेले उसी के खाते से 2.75 करोड़ रुपये का भारी-भरकम लेनदेन पाया गया। ताज्जुब की बात यह है कि आरोपी कोई सहज सेवा केंद्र या बड़ा कारोबार भी नहीं चलाता था, फिर भी उसके खाते में इतनी बड़ी धनराशि का फेरबदल हुआ था।

अपर पुलिस अधीक्षक ने दी कार्रवाई की जानकारी
मामले की जानकारी देते हुए चंदौली के अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर ने बताया, "अंतरप्रांतीय तस्कर गिरोह के 35 आरोपियों में से 33 को अब तक जेल भेजा जा चुका है, जबकि बाकी दो की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। अब तक की जांच में 187 करोड़ रुपये के लेनदेन की औपचारिक पुष्टि हो चुकी है और कुल आंकड़ा 200 करोड़ के पार है। जांच अभी जारी है और इसमें जो भी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य लोग शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"

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