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चंदौली में 'फर्जी विजिलेंस दरोगा' का आतंक: बिजली उपभोक्ताओं को फोन कर मांग रहा मोटी रकम..देखें वीडियो

चंदौली में बिजली चोरी की ऑनलाइन एफआईआर के बाद ठग सक्रिय हो गए हैं। खुद को सकलडीहा का विजिलेंस दरोगा 'दिलीप यादव' बताकर उपभोक्ताओं से सरेआम पैसों की डिमांड की जा रही है। पुलिस ने इसे पूरी तरह साइबर फ्रॉड बताया है।

 

खुद को विजिलेंस दरोगा बता रहा ठग

व्हाट्सएप पर लगा रखी है दरोगा की डीपी

बिजली चोरी की रिपोर्ट सेटल करने की मांग

ग्राम प्रधानों से नंबर लेकर कर रहा ठगी

बिजली थाना अध्यक्ष ने दी सावधान रहने की चेतावनी

 चंदौली जिले में इन दिनों असली विजिलेंस टीम की कार्रवाई के बाद अब शातिर और फर्जी दरोगाओं का गिरोह सक्रिय हो गया है। ये ठग इतने बेखौफ हैं कि खुद को बिजली विभाग का विजिलेंस दरोगा बताकर सीधे उपभोक्ताओं को फोन मिला रहे हैं और बिजली चोरी के मामलों को रफा-दफा करने के नाम पर धड़ल्ले से पैसों की डिमांड कर रहे हैं।

मामला पूरी तरह से तब सामने आया जब बिजली विभाग और स्थानीय पुलिस ने इस नेटवर्क की पुष्टि की। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यह एक सोची-समझी साजिश और साइबर फ्रॉड का हिस्सा है, जिससे आम जनता को सतर्क रहने की जरूरत है।

व्हाट्सएप पर पुलिस की डीपी और सकलडीहा में बताता है पोस्टिंग
पकड़े जाने के डर से बेखौफ इस शातिर ठग ने अपने व्हाट्सएप नंबर (6232113950) पर बाकायदा एक पुलिस दरोगा की फोटो (डीपी) लगा रखी है। जब भी यह किसी उपभोक्ता को फोन करता है, तो खुद का नाम 'दिलीप यादव' बताता है और अपनी पोस्टिंग सकलडीहा बिजली थाने में होने का दावा करता है।

इस नंबर से अब तक जिले के कई सीधे-साधे ग्रामीण और बिजली उपभोक्ता ठगी का शिकार बन चुके हैं। जब पीड़ित बनकर इस नंबर पर बात की गई, तो ठग की पूरी पोल खुल गई। वह बिना किसी डर के सीधे ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बना रहा था।

ग्राम प्रधानों से नंबर निकाल कर ऐसे बिछाते हैं जाल
इस गिरोह का काम करने का तरीका बेहद शातिर है। जब भी बिजली विभाग किसी इलाके में बिजली चोरी को लेकर ऑनलाइन एफआईआर (FIR) दर्ज कराता है, तो ये ठग सक्रिय हो जाते हैं।

ये शातिर अपराधी संबंधित गांव के ग्राम प्रधानों से संपर्क साधते हैं और वहां के उन लोगों के मोबाइल नंबर ले लेते हैं जिन पर बिजली चोरी का केस दर्ज हुआ है। इसके बाद पीड़ित उपभोक्ताओं को जेल भेजने का डर दिखाकर केस की रिपोर्ट ठीक करने के नाम पर मोटी रकम वसूलने का खेल शुरू होता है।

बिजली थाना अध्यक्ष ने कहा- कोई दिलीप यादव हमारे यहाँ नहीं है
इस पूरे सनसनीखेज मामले पर सकलडीहा के बिजली थाना अध्यक्ष ने स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि हमारे विभाग या थाने में 'दिलीप यादव' नाम का कोई भी दरोगा तैनात नहीं है। यह पूरी तरह से एक ऑनलाइन साइबर फ्रॉड है, जो लोगों के डर का फायदा उठाकर पैसे ऐंठ रहा है।

पुलिस और बिजली विभाग ने सामूहिक रूप से चंदौली की जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात नंबर से आने वाले फोन पर ऑनलाइन पैसा पेमेंट न करें। अगर कोई पैसों की मांग करता है, तो तुरंत नजदीकी थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराएं, अन्यथा ठगी होने पर वे खुद जिम्मेदार होंगे।

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