क्या पुलिस हिरासत के बाद युवक हो गया गायब, पिता ने SP से लगाई बेटे की जान बचाने की गुहार
चंदौली के धानापुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पुलिस जिस युवक को पूछताछ के लिए घर से ले गई थी, अब उससे पूरी तरह मुकर रही है। क्या है गायब सोनू का पूरा सच? पढ़िए यह ग्राउंड रिपोर्ट।
धानापुर पुलिस की संदिग्ध कार्यप्रणाली
घर से उठाए गए सोनू का सुराग गायब
एसपी आकाश पटेल से न्याय की गुहार
नाजमा केस से जुड़ रहे तार
परिजनों को सता रहा अनहोनी का डर
चंदौली जिले के धानापुर थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के रहने वाले पारसनाथ मौर्या ने अपने बेटे रितेश कुमार उर्फ सोनू के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए चंदौली के एसपी आकाश पटेल से न्याय की गुहार लगाई है। पिता का आरोप है कि पुलिस उनके बेटे को घर से ले गई, लेकिन अब उससे पूरी तरह इनकार कर रही है।

शनिवार शाम पुलिस ले गई थी साथ
पीड़ित पिता पारसनाथ मौर्य ने बताया कि बीते शनिवार (10 अक्टूबर) की देर शाम करीब सात बजे धानापुर थाने की पुलिस उनके घर आई थी। पुलिसकर्मियों में सिपाही सुमित कुमार सिंह भी शामिल थे। पुलिस ने पूछताछ की बात कहकर बेटे रितेश उर्फ सोनू को अपने साथ ले लिया। इस पूरी घटना को आसपास और पड़ोस के कई लोगों ने अपनी आंखों से देखा था।
अगले ही दिन मुकर गई धानापुर पुलिस
मामले में मोड़ तब आया जब रविवार की सुबह पिता पारसनाथ अपने बेटे की जानकारी लेने धानापुर थाने पहुंचे। परिजनों का दावा है कि थाने पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने साफ-साफ कह दिया कि उन्हें सोनू के बारे में कोई जानकारी नहीं है। पुलिस के इस रवैये से परिजनों में डर का माहौल है और इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
एसपी से लगाई कुशलता की गुहार
बेटे का कोई सुराग न मिलने पर परेशान पिता ने सबसे पहले एसपी चंदौली आकाश पटेल को लिखित शिकायत व्हाट्सएप पर भेजी। इसके बाद उन्होंने फोन पर बात करके अपने बेटे की सलामती और न्याय की गुहार लगाई। परिजनों को डर है कि कहीं उनके बेटे के साथ कोई अनहोनी न हो जाए।
मजार वाली घटना और नाजमा केस से जुड़ रहे तार
यह पूरा मामला 17 सितंबर की एक पुरानी घटना से भी जोड़कर देखा जा रहा है। धानापुर-रायपुर मार्ग पर जगनियां के पास रंगीले शहीद मलंग बाबा की मजार है। वहां पूजा करने गई 18 साल की नाजमा संदिग्ध हालात में अचेत और चोटिल मिली थी। परिजनों ने उसे धानापुर सीएचसी से ट्रामा सेंटर वाराणसी में भर्ती कराया था। करीब तीन हफ्ते तक जिंदगी और मौत से लड़ने के बाद जब 10 अक्टूबर को नाजमा होश में आई और घर लौटी, तो पुलिस ने उससे पूछताछ की थी।
पुलिस अधिकारियों का क्या है कहना?
इस पूरे घटनाक्रम पर सकलडीहा सीओ कृष्ण मुरारी शर्मा का कहना है कि उन्हें इस मामले की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह जरूर माना कि इससे पहले सोनू को पुलिस पूछताछ के लिए थाने लाई थी। फिलहाल मामले में सच्चाई क्या है, यह तो जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।
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