चंदौली के सकरारी गांव की रहने वाली थी NEET छात्रा खुशबू, दादा बोले- बेहद साहसी और स्वाभिमानी थी पोती
चंदौली जिले के धानापुर क्षेत्र के सकरारी गांव की रहने वाली NEET छात्रा खुशबू ने कानपुर में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने बुआ के बेटे पर एकतरफा प्यार में प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। जानिए पूरा मामला...
कानपुर में NEET छात्रा की दर्दनाक आत्महत्या
चंदौली के सकरारी गांव का रहने वाला है परिवार
फुफेरे भाई पर एकतरफा प्यार में प्रताड़ना का आरोप
कमरे में फंदे से लटका मिला 17 वर्षीय खुशबू का शव
पुलिस मामले की छानबीन और विधिक जांच में जुटी
चंदौली जिले के मूल निवासी और कानपुर शहर में नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक 17 वर्षीय छात्रा खुशबू सिंह ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतका का परिवार मूल रूप से चंदौली जिले के धानापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सकरारी गांव का रहने वाला है। घटना की खबर मिलते ही गांव और परिवार में कोहराम मच गया है।
यह पूरी घटना कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र स्थित श्यामनगर के गंगानगर इलाके की है। सकरारी गांव निवासी नरेंद्र प्रताप सिंह दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी नीलम देवी, दो बेटियां खुशबू सिंह व खुशी सिंह और बेटा अभिषेक सिंह कानपुर में किराए का मकान लेकर रहते थे, जहां खुशबू नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी।

कपड़े बदलने कमरे में गई थी छात्रा, जाली से देखा तो फंदे पर लटकी मिली
घटना के दिन के बारे में जानकारी देते हुए मृतका के भाई अभिषेक ने बताया कि बुधवार सुबह मां पूजा कर रही थीं और बहन खुशबू बाथरूम में नहा रही थी। नहाने के बाद वह कपड़े बदलने के लिए अपने कमरे में चली गई। जब काफी देर तक खुशबू बाहर नहीं आई तो भाई ने उसे आवाज दी। अंदर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उसने खिड़की की जाली से झांककर देखा, जहां खुशबू का शव फंदे से लटक रहा था। यह देखते ही घर में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग मौके पर जुट गए।
बुआ के बेटे पर एकतरफा प्यार और परेशान करने का आरोप
घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। भाई अभिषेक ने अपनी बुआ के 21 वर्षीय बेटे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि आरोपी पिछले छह महीने से खुशबू को बात करने के लिए दबाव बनाता था और लगातार प्रताड़ित कर रहा था। आरोप है कि वह खुशबू के दोस्तों से उसे अपनी गर्लफ्रेंड बताता था और लगातार मानसिक तनाव दे रहा था। इसी एकतरफा प्यार और प्रताड़ना से परेशान होकर छात्रा ने यह खौफनाक कदम उठाया। हालांकि, परिजनों ने अभी पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
दादा बोले- बेहद साहसी और स्वाभिमानी थी पोती
सकरारी गांव में रहने वाले मृतका के दादा हरिहर सिंह ने भारी मन से बताया कि उनकी पोती खुशबू बेहद साहसी, स्वाभिमानी और पढ़ाई में होनहार थी। अगर वह अपनी परेशानी परिवार से साझा करती तो शायद आज जिंदा होती। दादा ने बताया कि करीब छह महीने पहले तक खुशबू उनसे फोन पर बात करती थी और वह हमेशा उसका हौसला बढ़ाते थे। लेकिन पिछले छह महीने से उसने दादा से बात करना बंद कर दिया था, हालांकि अपने भाई-बहन से उसकी बात होती रहती थी।
पोस्टमार्टम और जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
दादा हरिहर सिंह के मुताबिक, खुशबू द्वारा एक सुसाइड नोट लिखे जाने की बात सामने आई है, लेकिन उसमें आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। घटना की सूचना मिलने के बाद सकरारी गांव से परिवार के अन्य लोग भी कानपुर रवाना हो गए हैं। गांव में फिलहाल मकान पर ताला बंद है। पुलिस का कहना है कि परिजनों की शिकायत, सुसाइड नोट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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