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वाह रे क्वालिटी : चंदौली में गड्ढामुक्ति के 36.80 करोड़ रुपये पहली ही बारिश में बहे, 150 किमी सड़कें फिर बनीं गड्ढा

चंदौली में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए खर्च किए गए 36.80 करोड़ रुपये पहली ही बारिश में पानी की तरह बह गए। जिले की 150 किलोमीटर से अधिक सड़कें उखड़ गई हैं और 50 से ज्यादा मुख्य व संपर्क रास्तों पर चलना जानलेवा हो गया है।

 
 

गड्ढामुक्ति पर खर्च हुए 36.80 करोड़

पहली बारिश में 150 किमी सड़कें उखड़ीं

50 से अधिक संपर्क मार्ग बेहद बदहाल

नियमताबाद और नौगढ़ में बढ़ीं मुश्किलें

चार साल से अटकी खोर-गौसपुर सड़क

चंदौली जिले में लोक निर्माण विभाग (PWD) की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पिछले साल जिले की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के नाम पर कुल 36.80 करोड़ रुपये पानी की तरह बहा दिए गए थे। लेकिन मानसून की पहली ही बारिश ने इस पूरे काम की हकीकत खोलकर रख दी है। जिले की 150 किलोमीटर से ज्यादा लंबी सड़कें फिर से बड़े-बड़े गड्ढों में बदल चुकी हैं।

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50 से ज्यादा रास्तों पर चलना हुआ बेहद जोखिम भरा

पहली बारिश के बाद जिले के 50 से अधिक मुख्य और ग्रामीण संपर्क मार्गों पर आवागमन करना बेहद खतरनाक हो गया है। इन गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से आए दिन गाड़ियां फंस रही हैं और लोग चोटिल हो रहे हैं। जिले में कुल मिलाकर लगभग आठ हजार किलोमीटर लंबा सड़क नेटवर्क है। वर्ष 2025 में अक्टूबर से दिसंबर के बीच PWD ने जोर-शोर से गड्ढामुक्ति अभियान चलाया था।

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कागजों में चमकीं सड़कें, धरातल पर सिर्फ खानापूर्ति

इस अभियान के तहत प्रांतीय खंड ने 16.80 करोड़ रुपये खर्च करके 83 किलोमीटर और निर्माण खंड ने 20 करोड़ रुपये खर्च करके 80 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत का दावा किया था। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह काम सिर्फ एक औपचारिकता और कागजी खानापूर्ति बनकर रह गया। सड़कों पर केवल डामर की बहुत पतली परत बिछाई गई थी और जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई।

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 मढ़िया और भूपौली मार्ग पर राहगीर बेहाल

नियमताबाद विकासखंड के मडिया गांव को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता पूरी तरह से टूट चुका है। भूपौली मार्ग का भी यही हाल है, जहाँ जलभराव के कारण तालाब जैसा नजारा बन जाता है। मडिया बंधा रोड से नेवाती टोला बहादुरपुर जाने वाले मार्ग पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। ग्रामीण इब्राहिम खान, अरविंद, राजा और रंजीत ने बताया कि इस रास्ते पर चलना अब दूभर हो गया है।

बरहनी ब्लॉक के एक दर्जन गांवों में आफत

धीना क्षेत्र के बरहनी विकासखंड में करीब एक दर्जन गांवों को जोड़ने वाले लिंक मार्ग बदहाल पड़े हैं। बहोरा-सलेमपुर मार्ग, बहोरा रेलवे स्टेशन से कुशहा, नूरी, कम्हारी-रहपुरी, सितलपुरा-बरहन और रैथा-गोपालपुर जैसे रास्तों पर भयंकर गड्ढे और कीचड़ है। इसके चलते स्कूली बच्चों और बीमार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

 नौगढ़ के वनांचल में अधूरे निर्माण ने बढ़ाई मुसीबत

वनांचल क्षेत्र नौगढ़ में भी बारिश शुरू होते ही सड़कें धंस गई हैं। बरवाडीह मार्ग का निर्माण पिछले कई वर्षों से अधूरा पड़ा है। बोझ से पिपराही तक के महज 3 किलोमीटर के रास्ते में करीब 150 गड्ढे हो चुके हैं। इसके अलावा शम्सहेरपुर-अतरवा मार्ग की पुलिया क्षतिग्रस्त है और बरबसपुर से सोनभद्र बॉर्डर तक की सड़क पूरी तरह टूट चुकी है।

 चार सालों से मरम्मत की राह देख रहा खोर-गौसपुर मार्ग

सकलडीहा और धानापुर विकासखंड को जोड़ने वाला खोर-गौसपुर मार्ग पिछले चार सालों से बदहाल है। करीब 3 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर गहरे गड्ढे और जलभराव हैं, जिससे कई गांवों के लोगों का संपर्क टूट गया है। कंदवा-तेल्हा और असना-ओयरचक मार्ग के लोग भी लंबे समय से मरम्मत की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

साहब का वही पुराना रटा-रटाया जवाब

इस पूरे मामले और जनता की भारी परेशानी पर जब पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) राजेश कुमार से बात की गई, तो उन्होंने हमेशा की तरह रटा-रटाया जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण कुछ जगहों पर सड़कों पर गड्ढे बन गए हैं। इन्हें भरने का काम शुरू करवा दिया गया है ताकि सड़कों को चलने लायक (मोटरेबल) बनाया जा सके और लोगों को परेशानी न हो।

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