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सांसद व केन्द्रीय मंत्री ने लिया है गोद, फिर भी घटिया व मानक को ठेंगा दिखा कर काम कर रहा ठेकेदार
 

चंदौली जिले के सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडेय की प्राथमिकता वाले कार्यों में भी ठेकेदार जमकर मनमानी कर रहे हैं और मानक के विपरीत काम करते हुए शासन की मंशा को पलीता लगा रहे हैं।

 इस बात का ताजा उदाहरण चंदौली जिले के सकलडीहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक जाने वाली सीसी रोड के निर्माण में देखने को मिला है, जहां सकलडीहा की खंड विकास अधिकारी और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रम्या आर बृहस्पतिवार ने एक बार फिर से इस निर्माणाधीन सड़क की जांच पड़ताल की तो पता चला कि इस निर्माण कार्य में सड़क की चौड़ाई मानक से कम है और उसमें लगने वाले सामान भी गुणवत्ता वाले नहीं दिखाई दे रहे हैं।


खंड विकास अधिकारी रम्या आर ने बृहस्पतिवार को दूसरी बार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक जाने वाली निर्माणाधीन सीसी रोड की जांच की। इस दौरान मार्ग की चौड़ाई मानक से कम मिली। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और मानक के अनुरूप काम करने को कहा। इस मार्ग का शिलान्यास सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. महेन्द्रनाथ पांडेय ने किया था।

केंद्रीय मंत्री और सांसद डॉ. महेन्द्रनाथ पांडेय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को गोद लेते ही क्षेत्र पंचायत निधि के दस लाख की लागत से बनने वाले सीसी रोड का शिलान्यास किया था। सीसी रोड 160 मीटर लंबा और साढ़े तीन मीटर चौड़ा बनना है। जांच के दौरान सड़क की चौड़ाई कम मिली। 

बताया जा रहा है कि सड़क की चौड़ाई कम होने पर एंबुलेंस सहित अन्य गाड़ियों को अस्पताल तक आने जाने में दिक्कत होगी। इसके पूर्व चार सितंबर को सीएचसी मार्ग के निरीक्षण के दौरान संबंधित जेई और अधिकारियों को मानक के अनुसार निर्माण का निर्देश दिया गया था। इसके बाद भी मानक की अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य किये जाने पर बीडीओ मौके पर पहुंच कर सड़क की नापी कराई। इस दौरान कहीं कहीं मार्ग की चौड़ाई कम होने पर समस्या का समाधान करने का निर्देशित किया। 

चेताया कि किसी प्रकार की गुणवत्ता और मानक में कमी होने पर संबंधित ठेकेदार और जेई के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

 ऐसा लगता है कि जनपद के संबंधित विभाग के अधिकारी केवल कमीशन खोरी में लिप्त हैं और उनको इस बात का ध्यान भी नहीं है कि वह जिस कार्य में मानकों की अनदेखी करते हुए घटिया सामान लगा रहे हैं या मानक के विपरीत काम कर रहे हैं वहां पर संबंधित जनप्रतिनिधि की भी प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।

 सबसे बड़ा सवाल चंदौली जिले के सांसद प्रतिनिधियों पर लग रहा है.. जो जिले में कई हैं, लेकिन सांसद के द्वारा किए जाने वाले कार्यों पर अपने निगरानी रखने के बजाय केवल बैठकों में भौकाल बनाए रखने और कार्यक्रमों में माला पहनने के लिए जिले भर में घूमा करते हैं।