सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू न होने से नाराज अनुदेशकों ने खोला मोर्चा, मांग पूरी होने तक आंदोलन की चेतावनी
चंदौली के सकलडीहा ब्लॉक में अनुदेशक शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार समान वेतन और बकाया एरियर देने की मांग को लेकर क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। पूरी खबर पढ़ें...
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन की मांग को लेकर अनशन
चंदौली के सकलडीहा ब्लॉक के सेवखर खुर्द में शुरू हुआ आंदोलन
14 वर्षों से हो रहे शोषण का अनुदेशकों ने लगाया आरोप
4 फरवरी 2026 के अदालती फैसले को लागू करने की मांग
मांगें न पूरी होने तक हर रविवार ब्लॉक स्तर पर चलेगा अनशन
उत्तर प्रदेश के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात अनुदेशक शिक्षकों ने अब अपने अधिकारों की लड़ाई तेज कर दी है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराने, बकाया एरियर दिलाने और नियमित शिक्षकों के समान वेतन-सुविधाएं दिए जाने की मांग को लेकर चंदौली में अनुदेशकों ने मोर्चा खोल दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन की मांग को लेकर अनशन
— Chandauli Samachar (@chandaulinews) September 13, 2026
चंदौली के सकलडीहा ब्लॉक के सेवखर खुर्द में शुरू हुआ आंदोलन
14 वर्षों से हो रहे शोषण का अनुदेशकों ने लगाया आरोप
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सकलडीहा के सेवखर खुर्द में अंबेडकर प्रतिमा के सामने अनशन
रविवार को चंदौली जिले के सकलडीहा ब्लॉक अंतर्गत सेवखर खुर्द गांव में अनुदेशक शिक्षक इकट्ठा हुए। उन्होंने गांव में स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने बैठकर क्रमिक अनशन की शुरुआत की। अनशन पर बैठे शिक्षकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
कोर्ट के फैसले के बाद भी शासनादेश नहीं
आंदोलनकारी अनुदेशकों का कहना है कि राज्य सरकार पिछले 14 सालों से उनका लगातार शोषण कर रही है और उन्हें मौलिक अधिकारों से दूर रखा गया है। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने 4 फरवरी 2026 को 46 पन्नों का ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए अनुदेशकों को नियमित शिक्षक मानने और बकाया एरियर समेत समान वेतन तुरंत लागू करने का आदेश दिया था।
रिव्यू पिटिशन खारिज, फिर भी कार्रवाई न होने से शिक्षकों में गुस्सा
शिक्षकों का आरोप है कि राज्य सरकार की ओर से इस आदेश को लागू करने के लिए अभी तक कोई शासनादेश जारी नहीं किया गया है। यहाँ तक कि सरकार की रिव्यू पिटिशन को भी सुप्रीम कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है। बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने और ज्ञापन सौंपने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो प्रदेश भर के अनुदेशक शिक्षकों में भारी निराशा और गुस्सा व्याप्त हो गया।
पूरे प्रदेश में आंदोलन फैलाने की चेतावनी
परिषदीय उत्थान समिति चंदौली के जिलाध्यक्ष प्रकाश सिंह ने बताया कि जब तक एरियर और समान वेतन का भुगतान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने साफ किया कि चंदौली में शुरू हुआ यह अनशन अब हर रविवार को जिले के सभी ब्लॉकों में आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही आने वाले दिनों में इस आंदोलन को पूरे उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी विस्तार दिया जाएगा। अनशन के दौरान संजय कुमार, सुरेश कुमार जायसवाल, नरेंद्र कुमार, अमरनाथ राय, संतोष कुमार, अजीत कुमार, राकेश कुमार, रामनरेश यादव, तपेश्वर कुमार, रामप्रताप यादव, अश्वनी कुमार और अजय कुमार समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।
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