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चहनियां में रील और स्टंट के चक्कर में दो सगी सहेलियों की जिंदगी हुई नरक, ICU में चल रहा इलाज, कौन करेगा मदद

चंदौली के चहनियां में बाइक स्टंटबाजों की सनक ने दो युवतियों—दीपा और शालू की जिंदगी को नरक बना दिया है। हादसे में गंभीर रूप से घायल दोनों बेटियां अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही हैं, जबकि गरीब परिवार इलाज के खर्च से टूट चुका है।

 
 

सोनहुला गांव की शालू और दीपा बनीं स्टंटबाज़ी का शिकार

चहनियां-बलुआ मुख्य मार्ग पर खण्डवारी के पास हुआ हादसा

खुली नाली में गिरी दीपा, गाड़ी के साथ घसीटती चली गई शालू

घटना के दिन से ही दोनों का आईसीयू (ICU) में चल रहा इलाज

स्टंटबाज युवकों पर सख्त कार्रवाई की उठ रही मांग

 

चंदौली जिले में सड़कों पर रील बनाने और रफ़्तार का रोमांच दिखाने वाले स्टंटबाज युवकों के चक्कर में दो बेगुनाह बेटियों की जिंदगी पूरी तरह नरक बन गई है। चंदौली जिले के चहनियां (बलुआ) क्षेत्र में पिछले दिनों बाइक स्टंटबाजों की घोर लापरवाही के कारण दो युवतियां—25 साल की दीपा और 22 साल की शालू आज भी जिंदगी और मौत के बीच झूल रही हैं। इस भीषण महंगाई और गरीबी के दौर में दोनों का इलाज कराना अब उनके परिवारों के लिए बिल्कुल असंभव साबित हो रहा है।

पीछे से मारी जोरदार टक्कर, नाली में गिरीं बच्चियां
दिल दहला देने वाली यह घटना बीते 18 जून 2026 की है। सोनहुला गांव की रहने वाली शालू और दीपा दोपहर के समय अपने घर से किसी काम के लिए बाजार जा रही थीं। जैसे ही वे चहनियां वाया बलुआ मुख्य मार्ग पर स्थित खण्डवारी के पास पहुँचीं, तभी बलुआ की तरफ से दो युवक बाइक पर खतरनाक स्टंटबाजी करते हुए आए। रफ़्तार के नशे में चूर इन लड़कों ने दोनों बच्चियों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दीपा सड़क किनारे बनी एक जर्जर और खुली नाली में जा गिरी, जबकि शालू बाइक के साथ घसीटते हुए काफी दूर तक चली गई।

सिर, सीने और पैर में आईं गंभीर चोटें
स्थानीय लोगों ने जब यह खौफनाक मंजर देखा तो उन्होंने शोर मचाना शुरू किया, जिसके बाद बाइक सवार रुके। इस दर्दनाक हादसे में दोनों युवतियों के सिर, सीने और पैर में बेहद गंभीर चोटें आईं। घटना के दिन से ही दोनों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ वे कई दिनों तक आईसीयू (ICU) में वेंटिलेटर पर रहीं। कुछ हद तक हालत में सुधार होने के बाद दीपा को घर लाकर इलाज किया जा रहा है, लेकिन शालू की स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है और उसका इलाज वाराणसी के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।

इलाज के खर्च से टूट गया गरीब परिवार
घायल बच्चियों का परिवार निहायत ही गरीब है। उनके पिता दिन-रात हाड़-तोड़ मेहनत-मजदूरी करके किसी तरह अपने घर का पेट पालते हैं। ऐसे में अस्पताल का लाखों का भारी-भरकम खर्च उठाना उनके बस के बाहर की बात है। इस मुश्किल वक्त में लड़की के बुआ का लड़का राजू विश्वकर्मा किसी तरह कर्ज और मदद मांगकर वाराणसी के प्राइवेट अस्पताल में शालू का इलाज करवा रहा है।

क्षेत्रवासियों ने की स्टंटबाजों पर कार्रवाई की मांग
इस घटना को लेकर पूरे चहनियां और बलुआ क्षेत्र के नागरिकों में भारी गुस्सा है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि सड़कों पर मौत का खेल खेलने वाले और बेगुनाहों की जान जोखिम में डालने वाले ऐसे रीलबाज और स्टंटबाज युवकों पर सख्त से सख्त कानूनी अंकुश लगाया जाए, ताकि भविष्य में फिर किसी और की बेटी की जिंदगी इस तरह बर्बाद न हो।

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