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चंदौली के अहिकौरा में भव्य सम्राट अशोक जयंती समारोह, सामाजिक न्याय और संविधान पर हुआ मंथन

चंदौली के अहिकौरा गांव में सम्राट अशोक जयंती समारोह में हजारों लोगों की मौजूदगी रही। मुख्य अतिथि बाबू सिंह कुशवाहा ने सामाजिक न्याय, संविधान और महापुरुषों के विचारों को आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।

 

अहिकौरा गांव में भव्य अशोक जयंती आयोजन


सामाजिक न्याय और संविधान पर चर्चा


बाबू सिंह कुशवाहा का बड़ा संबोधन


महापुरुषों के विचारों को आगे बढ़ाने पर जोर


हजारों लोगों की मौजूदगी में कार्यक्रम

चंदौली जिले के धानापुर विकासखंड के अहिकौरा गांव में सम्राट अशोक क्लब के तत्वावधान में देवनाप्रिय प्रियदर्शी सम्राट अशोक महान की जयंती बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। आयोजन स्थल पर सामाजिक एकता और जागरूकता का माहौल देखने को मिला।

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मुख्य अतिथि ने किया शुभारंभ

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बाबू सिंह कुशवाहा उपस्थित रहे।
 उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर राष्ट्रगान के साथ समारोह का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने सम्राट अशोक के शासनकाल को आदर्श बताते हुए कहा कि उस समय न्याय व्यवस्था मजबूत थी और गरीबों को भी बराबरी का अधिकार मिलता था।

 संविधान और सामाजिक न्याय पर जोर

उन्होंने डॉ भीम राव अम्बेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान में दिए गए अधिकारों को लागू करने के लिए समाज के जागरूक लोगों को आगे आना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी और समानता जरूरी है। साथ ही महात्मा फुले और संत गाडगे जैसे समाज सुधारकों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।

इतिहास से सीखने की जरूरत

विशिष्ट अतिथि हृदय लाल मौर्य ने अपने संबोधन में कहा कि सम्राट अशोक की पहचान पूरे विश्व में भारत की गौरवशाली विरासत के रूप में होती है। उन्होंने कहा कि जो समाज अपने इतिहास को भूल जाता है, वह कभी प्रगति नहीं कर सकता। अशोक के प्रतीकों और बौद्ध धम्म को अपनाने के उनके निर्णय को उन्होंने प्रेरणादायक बताया।

राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा
सपा प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ लोग बिना योगदान के खुद को राष्ट्रभक्त साबित करने में लगे हैं। वहीं मुख्य वक्ता लौटन राम निषाद ने प्रदेश सरकार पर पिछड़े और दलित वर्गों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया।

जनप्रतिनिधियों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. रामजन्म मौर्य ने की, जबकि संचालन जिला पंचायत सदस्य गणेश भारतीय ने किया। इस अवसर पर हेमंत कुशवाहा, श्रवण कुशवाहा, राजेश यादव, रमेश चंद्र कुशवाहा, बुल्लू यादव, दयाराम यादव, जगमेंद्र यादव, कन्हैया सिंह, अमित मौर्य, संतोष मौर्य, भुवनेश्वर प्रधान, मनोज मौर्य, हरदेव कुशवाहा, रामधवल पासवान, आनंद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

सामाजिक जागरूकता का संदेश

पूरे कार्यक्रम के दौरान सामाजिक न्याय, समानता और जागरूकता का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने एकजुट होकर महापुरुषों के विचारों को आगे बढ़ाने और समाज को शिक्षित एवं संगठित करने पर जोर दिया।

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