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गंगा कटान को लेकर तीसरे दिन भी धरने पर डटे रहे किसान, 10 करोड़ के बोल्डर गंगा में बहने पर कार्रवाई की मांग

धीना के नदहा-गुरैनी लघु डाल कैनाल पर गंगा कटान रोकने की मांग को लेकर किसानों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार को किसानों ने करोड़ों रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायत कर गुणवत्तापूर्ण कार्य की मांग की।

 
 

तीसरे दिन भी जारी रहा किसानों का धरना

धरना स्थल पर पहुंचे नायब तहसीलदार दिनेश शुक्ला

तीन चरणों के 10 करोड़ के पत्थर बहे

कार्यदायी संस्था से रिकवरी कराने की मांग की

मजबूत और गुणवत्तापूर्ण बोल्डर लगाने की मांग

चंदौली जिले के धीना क्षेत्र अंतर्गत नदहा-गुरैनी लघु डाल कैनाल क्षेत्र में भीषण गंगा कटान की समस्या से परेशान किसानों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुक्रवार को तीसरे दिन भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहा। इस बीच आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार दिनेश चंद्र शुक्ला अधिकारियों की टीम के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारी किसानों से विस्तृत वार्ता की और कटान रोकने के लिए पूर्व में लगाए गए पत्थरों की जमीनी हकीकत का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उपस्थित किसानों ने उन्हें क्रमवार तरीके से पूरी स्थिति से अवगत कराया।

करोड़ों के पत्थर गंगा में समाए, कार्यदायी संस्था से रिकवरी की मांग
भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष दीनानाथ श्रीवास्तव की अध्यक्षता में पंप कैनाल परिसर में चल रहे इस धरने में किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा। किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव और शिवराज सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इलाके में तीन चरणों में करीब 10 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च कर कटान रोकने के लिए पत्थर (बोल्डर) लगवाए गए थे, लेकिन घटिया निर्माण के कारण वे सभी पत्थर गंगा की तेज धारा में समा गए। किसानों ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक दोषी कार्यदायी संस्था के खिलाफ वित्तीय रिकवरी की कार्रवाई नहीं होती और दोबारा मजबूत व गुणवत्तापूर्ण कार्य शुरू नहीं कराया जाता, तब तक यह धरना समाप्त नहीं होगा।

सरकारी बजट के दुरुपयोग का आरोप, विधायक पर भी कसी तंज
धरने को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने सरकारी धन के घोर दुरुपयोग का मुद्दा उठाया। किसान नेताओं का कहना था कि क्षेत्र में लगभग 395.97 करोड़ रुपये की भारी लागत से कटानरोधी कार्य कराए जाने का दावा किया गया था, लेकिन धरातल पर इस विशाल बजट के बावजूद गंगा का भयानक कटान टस से मस नहीं हुआ। किसानों ने आरोप लगाया कि पूरी योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। इस दौरान दीनानाथ श्रीवास्तव ने क्षेत्रीय विधायक सुशील सिंह पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उद्घाटन बोर्ड पर शिलान्यास और धन्यवाद राशि तो साफ अंकित है, लेकिन जमीन पर कटान नहीं रुका और वह शिलापट्ट आज भी एक कमरे में धूल फांक रहा है।

मजबूत बोल्डर लगाने की मांग पर अड़े रहे आंदोलनकारी
किसानों ने नायब तहसीलदार के माध्यम से जिला प्रशासन से मांग की है कि इस बार बिना किसी धांधली के बेहद मजबूत और उच्च गुणवत्ता वाले बोल्डर लगाए जाएं, जिससे उपजाऊ जमीनों को गंगा में विलीन होने से प्रभावी ढंग से रोका जा सके। इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए धरना स्थल पर मुख्य रूप से शिवराज सिंह, गुड्डू यादव, गंगादास, सुभाष, रामविलास, अर्जुन, शिवकुमार, गोपाल, मुनीब चौधरी और संतोष चौधरी सहित भारी संख्या में किसान एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करते रहे।

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