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सकलडीहा के लाल का कमाल: किसान के बेटे मयंक ने SSC-CGL में पाई ऑल इंडिया 61वीं रैंक, बनेंगे सहायक प्रवर्तन अधिकारी

चंदौली के नोनार तुलसी आश्रम गांव के मयंक कुशवाहा ने SSC-CGL परीक्षा में देश भर में 61वीं रैंक हासिल की है। किसान पिता के बेटे मयंक अब भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में सहायक प्रवर्तन अधिकारी (AEO) के रूप में देश की सेवा करेंगे।

 
 

SSC-CGL में ऑल इंडिया 61वीं रैंक

किसान के मेधावी बेटे की बड़ी कामयाबी

बेंगलुरु MSME में क्लर्क से बने अधिकारी

एयरफोर्स भर्ती रद्द होने के बाद भी जारी रही मेहनत

सकलडीहा तहसील के नोनार गांव में जश्न

प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती और संसाधन कम हों तो संकल्प और मजबूत हो जाता है। इसे सच कर दिखाया है चंदौली जनपद के सकलडीहा तहसील अंतर्गत नोनार तुलसी आश्रम गांव के रहने वाले मयंक प्रकाश कुशवाहा ने। कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा के घोषित परिणाम में मयंक ने देश भर में 61वीं रैंक हासिल कर सबको चौंका दिया है। मयंक का चयन भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन सहायक प्रवर्तन अधिकारी (AEO) के प्रतिष्ठित पद पर हुआ है।

संघर्षों से नहीं डिगा हौसला: एयरफोर्स की भर्ती रद्द होने का मिला जख्म
मयंक की यह सफलता आसान नहीं थी। उन्होंने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व उनका चयन भारतीय वायुसेना (Airforce) में हो गया था, लेकिन किन्हीं कारणों से पूरी भर्ती प्रक्रिया ही रद्द कर दी गई। इस घटना ने उन्हें मानसिक रूप से काफी आहत किया, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय इसे चुनौती के रूप में लिया। मयंक ने अपनी मेहनत की दिशा बदली और नागरिक सेवाओं की तैयारी में जुट गए। वर्तमान में वे बेंगलुरु में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) में अपर डिवीजन क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं, लेकिन उनका लक्ष्य इससे कहीं बड़ा था।

किसान पिता और मेधावी पुत्र: जड़ों से जुड़ी सफलता
मयंक के पिता जयप्रकाश कुशवाहा एक साधारण किसान हैं और गांव में रहकर खेती-बारी करते हैं। मयंक की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय से हुई। इसके बाद उन्होंने हरिद्वार राय इंटर कॉलेज से हाईस्कूल और राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, कमलापुर से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। स्वामी शरण डिग्री कॉलेज से स्नातक करने के बाद वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट गए। उनके चाचा डॉ. सूबेदार कुशवाहा बताते हैं कि मयंक बचपन से ही पढ़ने में अव्वल रहे हैं और उनकी एकाग्रता ही उनकी जीत का मुख्य कारण बनी।

क्या है सहायक प्रवर्तन अधिकारी (AEO) का पद?
मयंक जिस पद पर चयनित हुए हैं, वह भारत सरकार की एक विशेष वित्तीय जांच एजेंसी (प्रवर्तन निदेशालय - ED) से संबंधित है। यह विभाग मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी मुद्रा कानून के उल्लंघन जैसे गंभीर वित्तीय अपराधों की जांच करता है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है और यह वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के तहत कार्य करता है।

गांव और क्षेत्र में हर्ष का माहौल
बुधवार को जैसे ही मयंक की सफलता की खबर नोनार तुलसी आश्रम गांव पहुँची, बधाई देने वालों का तांता लग गया। ग्रामीणों का कहना है कि मयंक ने सीमित संसाधनों में पढ़कर यह मुकाम हासिल किया है, जो क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगा। मयंक की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उनके परिवार के साथ-साथ पूरे जनपद को गर्व है। मयंक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद और गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया है।

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