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मनरेगा कर्मियों का फूटा गुस्सा, मानदेय और EPF न मिलने पर प्रदर्शन, 23 मार्च तक का मिला अल्टीमेटम

चंदौली के चहनिया विकास खंड में मानदेय और EPF भुगतान न होने से नाराज मनरेगा कर्मियों व तकनीकी सहायकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 23 मार्च तक मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे पूर्ण कलम बंद हड़ताल करेंगे।

 
 

चहनिया ब्लॉक में मनरेगा कर्मियों का विरोध

मानदेय और EPF भुगतान की मांग तेज

काली पट्टी बांधकर किया सांकेतिक प्रदर्शन

23 मार्च तक भुगतान का मिला आश्वासन

मांग पूरी न होने पर हड़ताल की चेतावनी

चंदौली जनपद के चहनिया विकास खंड में शुक्रवार को मनरेगा कर्मियों और तकनीकी सहायकों का धैर्य जवाब दे गया। लंबे समय से मानदेय और ईपीएफ (EPF) कटौती का लाभ न मिलने से क्षुब्ध होकर कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। विरोध स्वरूप सभी कर्मचारियों ने अपनी बांह पर काली पट्टी बांधी और सांकेतिक हड़ताल पर चले गए। इस दौरान चहनिया ब्लॉक परिसर में जमकर नारेबाजी हुई और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश देखा गया।

पिछली शिकायतों पर नहीं हुई कोई कार्रवाई
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि यह उनकी पहली शिकायत नहीं है। इससे पूर्व 19 फरवरी को भी भुगतान की मांग को लेकर खंड विकास अधिकारी (BDO) को पत्रक सौंपा गया था, लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी शासन या प्रशासन स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मानदेय न मिलने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है, जिससे तंग आकर उन्हें आज सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।

कलम बंद हड़ताल की दी गंभीर चेतावनी
आक्रोशित तकनीकी सहायकों और मनरेगा कर्मियों ने खंड विकास अधिकारी राजेश नायक को अपना मांग पत्र सौंपा। कर्मचारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह प्रदर्शन केवल एक चेतावनी है। यदि उनके ईपीएफ और बकाया वेतन का समाधान तत्काल नहीं किया गया, तो वे भविष्य में अनिश्चितकालीन 'कलम बंद हड़ताल' करेंगे। इस आंदोलन से विकास खंड के सभी निर्माण और मनरेगा कार्य पूरी तरह ठप होने की आशंका है।

प्रशासन का आश्वासन और भविष्य की रणनीति
वहीं, खंड विकास अधिकारी राजेश नायक ने कर्मचारियों का पत्रक स्वीकार करते हुए स्थिति को स्पष्ट करने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि कुछ गांवों में काम की तुलना में भुगतान अधिक हो गया है, जिसकी समीक्षा की जा रही है। हालांकि, उन्होंने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि शेष सभी कर्मियों का बकाया भुगतान 23 मार्च तक कर दिया जाएगा।

बीडीओ के इस लिखित आश्वासन के बाद कर्मचारी फिलहाल शांत हुए और काम पर लौटे, लेकिन उन्होंने यह साफ कर दिया कि यदि 23 मार्च तक खाते में राशि नहीं आई, तो आंदोलन बड़ा रूप लेगा। प्रदर्शन के दौरान दीनानाथ यादव, राकेश सिंह यादव, पवन त्रिपाठी, ओमप्रकाश, योगेन्द्र, आरती, साधना देवी और सुनील कुमार सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित रहे।

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