चंदौली में एंटी करप्शन टीम का बड़ा धमाका: 10 हजार की रिश्वत लेते लेखपाल पंकज यादव रंगे हाथ गिरफ्तार
चंदौली के सकलडीहा में एंटी करप्शन टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी स्ट्राइक की है। मथेला के लेखपाल पंकज यादव को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा गया। इस गिरफ्तारी से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल को रंगे हाथ पकड़ा
कार्य के बदले मांगी थी 10 हजार की घूस
सकलडीहा नहर के पास हुई गिरफ्तारी की कार्रवाई
मुगलसराय कोतवाली में विधिक कार्यवाही जारी
लेखपाल संघ ने लापता होने का लगाया था आरोप
चंदौली जनपद में भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान चलाते हुए वाराणसी की एंटी करप्शन टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। जनपद के सकलडीहा तहसील क्षेत्र में तैनात लेखपाल पंकज यादव को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए लेखपाल पंकज यादव मथेला और हृदयपुर गांव का कार्यभार देख रहे थे। इस औचक कार्रवाई ने तहसील प्रशासन और लेखपालों के बीच खलबली मचा दी है।
10 हजार की घूस और एंटी करप्शन का जाल
जानकारी के अनुसार, एक पीड़ित व्यक्ति ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी कि लेखपाल पंकज यादव उसका एक राजस्व कार्य करने के बदले 10 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। शिकायत की गोपनीयता से जांच करने के बाद टीम ने जाल बिछाया। रणनीति के तहत जैसे ही लेखपाल ने सकलडीहा नहर के समीप स्थित एक किराए के मकान पर पीड़ित से केमिकल युक्त नोटों की गड्डी थामी, वैसे ही टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। लेखपाल के हाथ धुलवाते ही वे गुलाबी हो गए, जो रिश्वत लेने का पुख्ता सबूत है।
मुगलसराय कोतवाली में विधिक कार्यवाही
गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम लेखपाल पंकज यादव को लेकर सीधे मुगलसराय कोतवाली पहुँची। वहां आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई। पूरी कार्रवाई के दौरान कोतवाली परिसर में भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की गहमागहमी बनी रही। टीम के सदस्यों ने पकड़े गए लेखपाल से गहन पूछताछ की और आवश्यक दस्तावेजी साक्ष्य भी एकत्र किए।
लेखपाल संघ का विरोध और प्रशासनिक रुख
इस घटना के बाद लेखपाल संघ में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। लेखपाल संघ के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने पहले लापता होने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से संपर्क साधा, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया कि पूरी कार्रवाई विधिसम्मत और साक्ष्यों के आधार पर की गई है। गौरतलब है कि उप जिलाधिकारी (SDM) सकलडीहा कुंदन राज कपूर पूर्व में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपना चुके हैं, जिससे यह साफ है कि जिले में भ्रष्ट अधिकारियों के लिए कोई जगह नहीं है।
इस कार्रवाई के माध्यम से जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी विभाग में रिश्वतखोरी या जनता का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल, लेखपाल को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार की जड़ों को उजागर किया है, जिस पर एंटी करप्शन टीम की नजरें बनी हुई हैं।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*







