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गेहूं खरीद पर 'सिस्टम' का ग्रहण: लेखपाल पोर्टल में तकनीकी खराबी से सत्यापन ठप, बोरियों के अभाव में किसान बेहाल

धीना क्षेत्र में गेहूं खरीद प्रक्रिया संकट में है। लेखपाल पोर्टल पर ऑटो-लॉगआउट की समस्या से सत्यापन नहीं हो पा रहा है, वहीं क्रय केंद्रों पर बोरियों की किल्लत से तौल प्रभावित हो रही है।

 

लेखपाल पोर्टल में तकनीकी खराबी से सत्यापन बाधित

क्रय केंद्रों पर बोरियों का भारी संकट

बिचौलियों को मिल रहा अव्यवस्था का फायदा

12 और 13 अप्रैल को होगा बोरियों का टेंडर

पंजीकरण और सत्यापन के लिए भटक रहे किसान

चंदौली जिले के धीना क्षेत्र में गेहूं खरीद प्रक्रिया इन दिनों प्रशासनिक लापरवाही और तकनीकी समस्याओं की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। एक ओर जहाँ लेखपाल पोर्टल में आई तकनीकी खराबी के कारण किसानों के पंजीकरण का सत्यापन नहीं हो पा रहा है, वहीं दूसरी ओर क्रय केंद्रों पर खाली बोरियों (बोरो) की भारी किल्लत ने तौल कार्य को लगभग ठप कर दिया है। इस अव्यवस्था के चलते क्षेत्र के किसानों में गहरा रोष व्याप्त है।

लेखपाल पोर्टल में 'लॉगिन-लॉगआउट' का खेल
क्षेत्र के किसान रतन कुमार सिंह, रबिंन्द्र प्रताप सिंह, संजय पाण्डेय और अन्य ने बताया कि गेहूं बिक्री के लिए अनिवार्य पंजीकरण सत्यापन की प्रक्रिया लेखपालों के स्तर पर अटक गई है। लेखपाल पोर्टल पर जैसे ही लॉगिन किया जाता है, सिस्टम तकनीकी खामी के चलते स्वतः लॉगआउट हो जा रहा है। इस तकनीकी अड़चन के कारण किसानों का डेटा सत्यापित नहीं हो पा रहा है, जिससे वे केंद्रों पर गेहूं नहीं बेच पा रहे हैं।

मात्र 1000 बोरियां, बिचौलियों की चांदी
क्रय केंद्रों की स्थिति और भी विकट है। सूचना के अनुसार, केंद्रों पर मात्र 1000 बोरियां उपलब्ध हैं, जिनसे केवल 500 क्विंटल अनाज की ही तौल संभव है। यह स्टॉक मुश्किल से एक या डेढ़ दिन में समाप्त हो जाएगा। बोरियों की कमी के कारण किसान अपनी उपज लेकर केंद्रों के बाहर इंतजार करने को मजबूर हैं। किसानों का आरोप है कि इस सरकारी अव्यवस्था का सीधा लाभ बिचौलिये उठा रहे हैं, जो कम दामों में किसानों से फसल खरीद रहे हैं।

प्रशासन की तैयारी और डिप्टी आरएमओ का पक्ष
सूत्रों की मानें तो विभाग अब सस्ते गल्ले (कोटे) की दुकानों से पुरानी बोरियां खरीदने की योजना बना रहा है, जिसमें काफी समय लग सकता है। इस संबंध में जिला कोऑपरेटिव के डिप्टी आरएमओ राघवेंद्र सिंह ने बताया कि बोरियों के नए स्टॉक के लिए 12 और 13 अप्रैल 2026 को टेंडर प्रक्रिया होनी तय हुई है। टेंडर पूर्ण होने के दो दिनों के भीतर सभी केंद्रों पर बोरियां पहुँचा दी जाएंगी।

किसानों के लिए जरूरी सलाह
डिप्टी आरएमओ ने स्पष्ट किया कि जो किसान पहले गेहूं बेच चुके हैं, उनकी आईडी स्वतः सक्रिय हो जाएगी। नए किसान अपनी खसरा-खतौनी के साथ केंद्र प्रभारी से संपर्क कर सकते हैं। हालांकि, किसानों का कहना है कि जब तक पोर्टल और बोरियों की समस्या हल नहीं होती, तब तक सुचारू खरीद संभव नहीं है। स्थानीय किसानों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द समाधान की मांग की है।

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