जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलMovie prime

आर-पार के मूड में अन्नदाता: गंगा कटान रोकने की मांग को लेकर 23वें दिन भी जारी रहा किसानों का धरना, कर रहे विधायक का इंतजार

चंदौली के गुरैनी पंप कैनाल पर गंगा कटान रोकने की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना 23वें दिन भी जारी रहा। अब 21 जून को विधायक सुशील सिंह धरनास्थल पर पहुंचकर जमीनी हकीकत का मुआयना करेंगे।

 
 

कटान रोकने के लिए 23वां दिन

विधायक सुशील सिंह करेंगे निरीक्षण

किसानों का शोषण अब बर्दाश्त नहीं

गंगा में समा रही पुश्तैनी जमीन

मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी

धीना क्षेत्र के धानापुर स्थित गुरैनी पंप कैनाल पर गंगा कटान की रोकथाम को लेकर किसानों का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अपनी वाजिब मांगों को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना आज 23वें दिन भी लगातार जारी रहा। किसान इस बार आर-पार के मूड में नजर आ रहे हैं और उनका साफ कहना है कि जब तक इस गंभीर समस्या का कोई पक्का और स्थायी हल नहीं निकल जाता, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।

विधायक सुशील सिंह को याद दिलाया वादा
धरनास्थल पर पहुंचे किसान सभा के जिला अध्यक्ष पारसनाथ विश्वकर्मा ने मौजूद किसानों को संबोधित किया। उन्होंने स्थानीय विधायक को उनका वादा याद दिलाते हुए कहा कि आगामी 21 जून को सैयदराजा के विधायक सुशील सिंह खुद धरनास्थल पर आ रहे हैं। विधायक यहाँ आकर कटान को रोकने के लिए चल रहे सरकारी कार्यों की गुणवत्ता का निरीक्षण और अवलोकन करेंगे। अब तमाम क्षेत्रवासियों और किसानों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जनप्रतिनिधि अपने वादों पर कितना खरा उतरते हैं।

अधिकारियों और नेताओं की मिलीभगत का आरोप
वहीं धरने को संबोधित करते हुए किसान सभा के कार्यकारी सदस्य दीनानाथ श्रीवास्तव ने प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सालों से नेताओं और अधिकारियों की आपसी मिलीभगत की वजह से गरीब किसानों का शोषण होता आ रहा है, जिसे अब और कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस साल गंगा कटान की स्थायी और असरदार रोकथाम नहीं की गई, तो वे इस आंदोलन को और ज्यादा तेज करने के लिए मजबूर होंगे।

पुश्तैनी जमीनें हो रहीं गंगा में विलीन
किसानों का दर्द है कि उनकी गाढ़ी कमाई और पुरखों की पुश्तैनी उपजाऊ जमीन हर साल गंगा की तेज धारा में समाती जा रही है। इसके बावजूद जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की तरफ से इस बड़ी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए कोई गंभीर कोशिश नहीं की जा रही है। अन्नदाताओं का आरोप है कि इस संकट की घड़ी में उनकी पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है, जिससे निराश होकर उन्हें आंदोलन की राह चुननी पड़ी है।

मांग पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान किसान नेता धनंजय सिंह, शिवराज सिंह, रामदुलार यादव, मुन्ना सिंह, रामप्यारे, शशिकांत और अमरनाथ समेत बहुत बड़ी तादाद में स्थानीय किसान एकजुट नजर आए। धरने पर बैठे सभी किसानों ने एक सुर में प्रशासन को दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों का पूरा और सही समाधान नहीं हो जाता, तब तक उनका यह शांतिपूर्ण आंदोलन इसी तरह चलता रहेगा।

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*