धानापुर में जांच से पहले बंद हुआ इंद्रा हॉस्पिटल, महिला की मौत के मामले में टीम पहुंची तो संचालक फरार, गेट पर लटका मिला ताला
चंदौली के धानापुर में इंद्रा हॉस्पिटल में महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम पहुंची। टीम के पहुंचने से पहले ही संचालक अस्पताल बंद कर फरार हो गया। पिछले महीने ऑपरेशन के बाद महिला की मौत पर हंगामा हुआ था।
धानापुर के इंद्रा हॉस्पिटल में महिला की मौत का मामला
जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
टीम से पहले अस्पताल बंद कर फरार हुआ संचालक
गेट पर ताला लटका देख लौटी जांच टीम
CMO डॉ. परितोष मिश्रा ने दिए थे जांच के निर्देश
चंदौली जनपद के धानापुर कस्बे में संचालित इंद्रा हॉस्पिटल में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। पिछले महीने यहां ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई थी। इस मामले में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम अस्पताल पहुंची, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही संचालक अस्पताल बंद कर फरार हो गया। जांच टीम को मौके पर अस्पताल पूरी तरह बंद मिला। मुख्य गेट पर ताला लटका हुआ था। इसके बाद टीम को बिना जांच किए ही वापस लौटना पड़ा।
क्या है पूरा मामला
बताया जा रहा है कि पिछले महीने इंद्रा हॉस्पिटल में एक महिला का ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद महिला की हालत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया था। परिजनों का आरोप था कि गलत इलाज से महिला की जान गई है। मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। बाद में अस्पताल संचालक और मृतका के परिजनों के बीच सुलह-समझौता होने की बात सामने आई थी। लेकिन मामला मीडिया में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया।
CMO ने लिया संज्ञान, टीम पहुंची जांच करने
मामला सामने आने के बाद चंदौली समाचार में खबर प्रकाशित हुई। इस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. परितोष मिश्रा ने संज्ञान लिया और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। इसी क्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी गुलाब वर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम गुरुवार को इंद्रा हॉस्पिटल की जांच करने पहुंची। टीम में निजी अस्पतालों के नोडल अधिकारी संजय कुमार और धानापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. रितेश जायसवाल भी मौजूद रहे।
ताला देख लौटी टीम
स्वास्थ्य विभाग की टीम जब अस्पताल पहुंची तो मुख्य गेट पर ताला लटका मिला। टीम ने अस्पताल संचालक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वह मौके पर नहीं मिला। फोन भी नहीं उठा। ऐसे में अस्पताल के संचालन, डॉक्टरों की डिग्री, चिकित्सकीय व्यवस्था और उपलब्ध संसाधनों की जांच नहीं हो सकी। स्वास्थ्य विभाग की टीम अब आगे की कार्रवाई के लिए अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपेगी।
झोलाछाप अस्पतालों पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले में कई निजी अस्पतालों का पंजीकरण डिग्रीधारी डॉक्टरों के नाम पर कराया जाता है। लेकिन मौके पर इलाज का काम कथित रूप से झोलाछाप लोग करते हैं। ऐसे अस्पतालों में जरूरी मानकों की अनदेखी की जाती है, जो मरीजों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। धानापुर कस्बे में भी कई ऐसे अस्पताल बिना मानक के चल रहे हैं। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को निजी अस्पतालों की नियमित जांच करनी चाहिए। मानकों का पालन न करने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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